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सुमति लोगों की धार्मिक आस्था का अनुचित फायदा किस तरह उठाते थे? - Hindi Course - A

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प्रश्न

सुमति लोगों की धार्मिक आस्था का अनुचित फायदा किस तरह उठाते थे?

टीपा लिहा

उत्तर

सुमति मिलनसार एवं हँसमुख व्यक्ति थे। वे तिब्बत में धर्मगुरु के समान माने जाते थे। सुमति बोध गया से कपड़े लाते और उन्हें पतले-पतले आकर में फाड़कर गाँठ लगाकर गंडा बना लेते थे। इन गंडों को वे अपने यजमानों में बाँटकर दक्षिणा के रूप में धन लिया करते थे। बोध गया से लाए ये कपड़े जब खत्म हो जाते तो वे लाल रंग के किसी कपड़े का गंडा बनाकर यजमानों में बाँटने लगते ताकि वे दक्षिणा पाते रहें। इस तरह वे लोगों की धार्मिक आस्था का अनुचित फायदा उठाते थे।

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गद्य (Prose) (Class 9 A)
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पाठ 2: ल्हासा की ओर - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Kshitij Part 1 Class 9
पाठ 2 ल्हासा की ओर
अतिरिक्त प्रश्न | Q 12

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