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सूर्योदय वर्णन के लिए किस तरह के बिंबों का प्रयोग हुआ है? - Hindi (Core)

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प्रश्न

सूर्योदय वर्णन के लिए किस तरह के बिंबों का प्रयोग हुआ है?

थोडक्यात उत्तर

उत्तर

सूर्योदय वर्णन के लिए कवि ने निम्नलिखित बिंबों का प्रयोग किया है-

(क) समुद्र तल से उगते हुए सूर्य का अधूरा बिंब अर्थात् गोला अपनी प्रात:कालीन लाल आभा के कारण बहुत ही मनोहर दिखता है।

(ख) वह सूर्योदय के तट पर दिखने वाले आधे सूर्य को कमला के स्वर्ण-मंदिर का कैंगूरा बताता है।

(ग) दूसरे बिंब में वह इसे लक्ष्मी की सवारी के लिए समुद्र द्वारा बनाई स्वर्ण-सड़क बताता है।

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पथिक
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पाठ 2.03: पथिक - अभ्यास [पृष्ठ १४३]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Aaroh Class 11
पाठ 2.03 पथिक
अभ्यास | Q 2. | पृष्ठ १४३

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