मराठी

ताँबे की चादर में एक छिद्र किया गया है। 27.0°C पर छिद्र का व्यास 4.24 cm है। इस धातु की चादर को 227°C तक तप्त करने पर छिद्र के व्यास में क्या परिवर्तन होगा? - Physics (भौतिक विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

ताँबे की चादर में एक छिद्र किया गया है। 27.0°C पर छिद्र का व्यास 4.24 cm है। इस धातु की चादर को 227°C तक तप्त करने पर छिद्र के व्यास में क्या परिवर्तन होगा? ताँबे का रेखीय प्रसार गुणांक = 1.70 x 10-5K-1

संख्यात्मक

उत्तर

-27°C पर क्षेत्रफल `"A"_1 = (pi"D"_1^2)/4 = pi/4 xx (4.24)^2  "cm"^2`

यदि 227°C पर छिद्र का व्यास D2 cm है तो 227°C पर छिद्र का क्षेत्रफल

`"A"_2 = (pi"D"_2^2)/4  "cm"^2`

ताँबे का क्षेत्रीय प्रसार गुणांक, 

β = 2α = 2 × 1.70 × 10-5°C-1 = 3.4 × 10-5°C-1 

क्षेत्रफल में वृद्धि ΔA = A2 - A1

∵ `beta = (triangle"A")/("A"_1 (triangle"T")) = ("A"_2 - "A"_1)/("A"_1 (triangle"T"))` 

∴ A2 = A1(1 + βΔT)

अथवा `(pi"D"_2^2)/4 = pi/4 (4.24)^2[1 + 3.4 xx 10^-5(227 - 27)]`

`"D"_2^2 = (4.24)^2 xx 1.0068  "cm"^2`

D2  =4.2544 cm

व्यास में परिवर्तन = D2 - D1 = (4.2544 - 4.24) = 0.0144 cm

= 1.44 × 10-2 cm (वृद्धि)

shaalaa.com
तापीय प्रसार
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 11: द्रव्य के तापीय गुण - अभ्यास [पृष्ठ ३१२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Physics [Hindi] Class 11
पाठ 11 द्रव्य के तापीय गुण
अभ्यास | Q 11.8 | पृष्ठ ३१२

संबंधित प्रश्‍न

किसी 1 m लंबे स्टील के फीते का यथार्थ अंशांकन 27.0°C पर किया गया है। किसी तप्त दिन जब ताप 45°C था तब इस फीते से किसी स्टील की छड़ की लंबाई 63.0 cm मापी गई। उस दिन स्टील की छड़ की वास्तविक लंबाई क्या थी? जिस दिन ताप 27.0°C होगा उस दिन इसी छड़ की लंबाई क्या होगी? स्टील का रेखीय प्रसार गुणांक = 1.20 × 10-5 K-1


27°C पर 1.8 cm लंबे किसी ताँबे के तार को दो दृढ़ टेकों के बीच अल्प तनाव रखकर थोड़ा कसा गया है। यदि तार को -39°C ताप तक शीतित करें तो तार में कितना तनाव उत्पन्न हो जाएगा? तार का व्यास 2.0 mm है। पीतल को रेखीय प्रसार गुणांक = 2.0 x 10-5 k-1, पीतल का यंग प्रत्यास्थता गुणांक = 0.91 x 1011Pa।


50 cm लंबी तथा 3.0 mm व्यास की किसी पीतल की छड़ को उसी लंबाई तथा व्यास की किसी स्टील की छड़ से जोड़ा गया है। यदि ये मूल लंबाईयाँ 40°C पर हैं तो 250°C पर संयुक्त छड़ की लंबाई में क्या परिवर्तन होगा? क्या संधि पर कोई तापीय प्रतिबल उत्पन्न होगा? छड़ के सिरों को प्रसार के लिए मुक्त रखा गया है। (ताँबे तथा स्टील के रेखीय प्रसार गुणांक क्रमशः 2.0 × 10-5 k-1 तथा 1.2 × 10-5 × k-1 हैं।)


ग्लिसरीन का आयतन प्रसार गुणांक 49 × 10-5 K-1 है। ताप में 30°C की वृद्धि होने पर इसके घनत्व में क्या आंशिक परिवर्तन होगा?


8.0 kg द्रव्यमान के किसी ऐलुमिनियम के छोटे ब्लॉक में छिद्र करने के लिए किसी 10 kw की बरमी का उपयोग किया गया है। 2.5 मिनट में ब्लॉक के ताप में कितनी वृद्धि हो जाएगी? यह मानिए कि 50% शक्ति तो स्वयं बरमी को गर्म करने में खर्च हो जाती है अथवा परिवेश में लुप्त हो जाती है। ऐलुमिनियम की विशिष्ट ऊष्मा धारिता = 0.91 J g-1K-1 है।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×