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प्रश्न
टिप्पणी लिखिए।
डार्विन का प्राकृतिक चयन का सिद्धांत
डार्विन का प्राकृतिक चयन का सिद्धांत लिखिए।
थोडक्यात उत्तर
उत्तर
- चार्ल्स डार्विन ने विविध प्रदेशों के वनस्पतियों तथा प्राणियों के असंख्य नमूने इकट्ठा किए। इस निरीक्षण के पश्चात् डार्विन ने ‘जो सक्षम होता वही अपने अस्तित्व को बनाए रखता हैं' यह बतानेवाला प्राकृतिक चयन का सिद्धांत प्रतिपादित किया।
- डार्विन ने अपनी संकल्पना का स्पष्टीकरण इस प्रकार दिया:
सभी सजीव असंख्य मात्रा में पुनरुत्पादन करते हैं। सभी सजीव क्या एक-दूसरे से स्पर्धा करते हैं। जो एकप्रकार से जानलेवा होती है। अत: सभी सजीव हमेशा भोजन इत्यादि के लिए प्रतियोगिता करते रहते हैं। इन सजीवों में वही सजीव जीवित रह पाते हैं जो प्रकृति के अनुरूप अनुकूलन दर्शाते हैं। बचे हुए अन्य सजीव नष्ट हो जाते हैं। - इस प्रकार सक्षम सजीव के चुनाव में प्राकृतिक चयन का सिद्धांत महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जो सजीव सक्षम है वे जीवित रहते हैं। शेष सजीव नष्ट हो जाते हैं। इस प्रकार सक्षम जीवित सजीव पुनरुत्पादन करते हैं तथा अपनी भिन्न विशेषताओं के साथ नई प्रजाति का निर्माण करते हैं।
- डार्विन ने अपने सभी सिद्धांत तथा दृष्टिकोण को अपनी पुस्तक 'ओरीजीन ऑफ स्पेसीज' (Origin of Species) में प्रकाशित किया।
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डार्विन का प्राकृतिक चयन का सिद्धांत (Darwin’s Theory on Natural Selection)
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