मराठी
महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (हिंदी माध्यम) इयत्ता १० वी

टिप्पणी लिखिए। मराठी रंगमंच - History and Political Science [इतिहास और राजनीति विज्ञान]

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

टिप्पणी लिखिए।

मराठी रंगमंच

टीपा लिहा

उत्तर

  1. व्यक्ति अथवा समुदाय द्वारा कोई भी ललित कला जिस स्थान पर प्रस्तुत की जाती है, उसे 'रंगमंच' कहते हैं। उन्नीसवीं शताब्दी के मध्य में मराठी रंगमंच का उदय हुआ। विष्णुदास भावे 'मराठी रंगमंच के जनक' के रूप में जाने जाते हैं।
  2. आरंभ में ऐतिहासिक तथा पौराणिक नाटकों के साथ-साथ प्रहसन भी रंगमंच पर आए। इन नाटकों की लिखित संहिता नहीं होती थी।
  3. 'थोरले माधवराव पेशवे' नाटक के कारण पूर्णतः लिखित संहितावाले नाटकों की परंपरा शुरू हुई। सामाजिक समस्याएँ और ऐतिहासिक विषय नाटक में उठाए गए।
  4. मराठी रंगमंच की गिरती अवस्था में आचार्य अत्रे के नाटकों ने रंगमंच को संवारने का काम किया। वि. वा. शिरवाडकर, विजय तेंडुलकर तथा वसंत कानेटकर जैसे लेखकों ने मराठी रंगमंच को समृद्ध बनाने का कार्य किया।
shaalaa.com
मराठी रंगमंच
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 1.6: मनोरंजन के माध्यम और इतिहास - स्वाध्याय [पृष्ठ ४५]

APPEARS IN

बालभारती History and Political Science (Social Science) [Hindi] 10 Standard SSC Maharashtra State Board
पाठ 1.6 मनोरंजन के माध्यम और इतिहास
स्वाध्याय | Q ३. (२) | पृष्ठ ४५
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×