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उचित उदाहरणद्वारा निम्नलिखित पद को परिभाषित कीजिए। अन्तराकाशी - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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प्रश्न

उचित उदाहरणद्वारा निम्नलिखित पद को परिभाषित कीजिए।

अन्तराकाशी

टीपा लिहा

उत्तर

जब कुछ अवयवी कण (परमाणु अथवा अणु) अन्तराकोशी स्थल पर पाए जाते हैं तब उत्पन्न दोष अन्तराकाशी दोष कहलाता है। यह दोष पदार्थ के घनत्व को बढ़ाता है। अन्तराकाशी दोष अनआयनिक ठोसों में पाया जाता है। आयनिक ठोसों में सदैव विद्युत उदासीनता बनी रहनी चाहिए। इससे इनमें यह दोष दिखाई नहीं देता है।

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ठोसों में अपूर्णताएं
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पाठ 1: ठोस अवस्था - अभ्यास [पृष्ठ ३३]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Chemistry [Hindi] Class 12
पाठ 1 ठोस अवस्था
अभ्यास | Q 1.23 (iii) | पृष्ठ ३३

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जब एक ठोस को गर्म किया जाता है तो किस प्रकार का दोष उत्पन्न हो सकता है? इससे कौन-से भौतिक गुण प्रभावित होते हैं और किस प्रकार?


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ZnS


समझाइए कि एक उच्च संयोजी धनायन को अशुद्धि की तरह मिलाने पर आयनिक ठोस में रिक्तिकाएँ किस प्रकार प्रविष्ट होती हैं?


उचित उदाहरणद्वारा निम्नलिखित पद को परिभाषित कीजिए।

फ्रेंकेल दोष


ऐलुमिनियम घनीय निविड संकुलित संरचना में क्रिस्टलीकृत होता है। इसका धात्विक अर्द्धव्यास 125 pm है।

  1. एकक कोष्ठिका के कोर की लम्बाई ज्ञात कीजिए।
  2. 1.0 cm3 ऐलुमिनियम में कितनी एकक कोष्ठिकाएँ होंगी?

क्रिस्टलों में शॉट्की दोष तब प्रेक्षित होता है जब ______।


FeO(s) इस स्टॉइकियोमीट्री संघटन में क्यों नहीं मिलता?


कॉलम I में दिए गए दोषों को कॉलम II में दिए गए कथनों से सुमेलित कीजिए-

कॉलम I कॉलम II
(i) सामान्य रिक्तिका दोष (a) आयन रहित ठोसों द्वारा दर्शाया जाता है औरठोस के घनत्व में वृद्धि होती है।
(ii) सामान्य अन्तराकाशी दोष (b) आयनिक ठोसों द्वारा दर्शाया जाता है और ठोस के घनत्व में कमी आती है।
(iii) फ्रेंकेल दोष

(c) आयन रहित ठोसों द्वारा द्शाया जाता है और ठोस का घनत्व कम हो जाता है।

(iv) शॉट्की दोष

(d) आयनिक ठोसों द्वारा दर्शाया जाता है और ठोस का घनत्व समान बना रहता है।


कॉलम I में दिए गए दोषों के प्रकारों को कॉलम II में दिए गए कथनों से सुमेलित कीजिए-

कॉलम I कॉलम II
(i) अशुद्ध दोष (a) वह NaCl जिसमें F-केंद्र नामक ऋणायनिक स्थल उपस्थित हों
(ii) धातु आधिक्य दोष (b) Fe3+ युक्त FeO
(iii) धातु न्यूनता दोष (c) Sr2+ युक्त NaCl जिसमें कुछ धनायनी स्थल रिक्त हों

फेरस ऑक्साइड के एक नमूने का वास्तविक सूत्र Fe0.93 O1.00 है। इस नमूने में Fe2+ धातु आयनों का अंश कितना है? इसमें किस प्रकार का नॉनस्टॉइकियोमितीय दोष है? 


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