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उन गुणों को बताइए जो व्यष्टियों में तो नहीं पर समष्टियों में होते हैं। - Biology (जीव विज्ञान)

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प्रश्न

उन गुणों को बताइए जो व्यष्टियों में तो नहीं पर समष्टियों में होते हैं।

दीर्घउत्तर

उत्तर

समष्टि में कुछ ऐसे गुण होते हैं जो व्यष्टि में नहीं पाए जाते। जैसे व्यष्टि जन्म लेता है, इसकी मृत्यु होती है, लेकिन समष्टि की जन्मदर और मृत्युदर होती है। समष्टि में इन दरों को क्रमशः प्रति व्यष्टि जन्मदर और मृत्युदर कहते हैं। जन्म और मृत्युदर को समष्टि के सदस्यों के संबंधों में संख्या में वृद्धि का ह्रास के रूप में प्रकट किया जाता है। जैसे- किसी ताल में गत वर्ष जल लिली के 20 पौधे थे और इस वर्ष जनन द्वारा 8 नए पौधे और बन जाते हैं तो वर्तमान में समष्टि 28 हो जाती है तो हम जनन दर की गणना 8/20 = 0.4 संतति प्रति जल लिली की दर से करते हैं। अगर प्रयोगशाला समष्टि में 50 फल मक्खियों में से 5 व्यष्टि किसी विशेष अन्तराल (जैसे- एक सप्ताह) में नष्ट हो जाती हैं तो इस अन्तराल में समष्टि में मृत्युदर 5/50 = 0.1 व्यष्टि प्रति फलमक्खी प्रति सप्ताह कहलाएगी। समष्टि की दूसरी विशेषता लिंग अनुपात अर्थात् नर एवं मादा का अनुपात है। सामान्यतया समष्टि में यह अनुपात 50:50 होता है, लेकिन इसमें भिन्नता भी हो सकती है जैसे- समष्टि में 60 प्रतिशत मादा और 40 प्रतिशत नर हैं। निर्धारित समय में समष्टि भिन्न आयु वाले व्यष्टियों से मिलकर बनती है। यदि समष्टि के सदस्यों की आयु वितरण को आलेखित किया जाए तो इससे बनने वाली संरचना आयु पिरैमिड कहलाती है। पिरैमिड का आकार समष्टि की स्थिति को प्रतिबिबित करता है

  • क्या यह बढ़ रहा है,
  • स्थिर है या
  • घट रहा है।

समष्टि का आकार आवास में उसकी स्थिति को स्पष्ट करता है। यह सजातीय, अन्तर्जातीय प्रतिस्पर्धा, पीड़कनाशी, वातावरणीय कारकों आदि से प्रभावित होता है। इसे तकनीकी भाषा में समष्टि घनत्व से स्पष्ट करते हैं। समष्टि घनत्व का आकलन विभिन्न प्रकार से किया जाता है। किसी जाति के लिए समष्टि घनत्व (आकार) निश्चित नहीं होता। यह समय-समय पर बदलता रहता है। इसका कारण भोजन की मात्रा, परिस्थितियों में अन्तर, परभक्षण आदि होते हैं। समष्टि की वृद्धि चार कारकों पर निर्भर करती है जिनमें जन्मदर और आप्रवासन समष्टि में वृद्धि करते हैं, जबकि मृत्युदर तथा उत्प्रावसन इसे घटाते हैं। यदि आरम्भिक समष्टि No है, Nt एक समय अन्तराल है तथा । बाद की समष्टि है तो

Nt = No + (B + I) – (D + E)
= No + B + 1 – D – E

समीकरण से स्पष्ट है कि यदि जन्म लेने वाले ‘B’ संख्या + अप्रवासी ‘1’ की संख्या (B + I) मरने वालों की संख्या ‘D’ + उत्प्रवासी ‘E’ की संख्या से अधिक है तो समष्टि घनत्व बढ़ जाएगा अन्यथा घट जाएगा।

 

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समाष्टियाँ
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पाठ 13: जीव और समष्टियॉं - अभ्यास [पृष्ठ २६३]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Biology [Hindi] Class 12
पाठ 13 जीव और समष्टियॉं
अभ्यास | Q 5. | पृष्ठ २६३

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