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प्रश्न
वैज्ञानिक कारण लिखिए।
तीसरे कवच की इलेक्ट्रॉन धारक क्षमता 18 होने पर भी तृतीय आवर्त में आठ तत्त्व हैं।
उत्तर
प्रत्येक आवर्त का आरंभ नयी कक्षा (कवच) (shell) में इलेक्ट्रॉन भरने की प्रक्रिया से होता है।
विभिन्न कवचों में भरे जाने वाले इलेक्ट्रानों की संख्या के आधार पर हम आवर्तों में तत्त्वों की संख्या बता सकते हैं। हम जानते हैं कि, किसी कवच में इलेक्ट्रानों की अधिकतम संख्या एक सूत्र 2n' पर निर्भर करती है जहाँ n नाभिक से नियत कवच की संख्या को दर्शाता है। जैसे,
K कवच -2 × (1)2 = 2,
प्रथम आवर्त में दो तत्त्व हैं।
L कवच -2 × (2)2 = 8,
दूसरे आवर्त में 8 तत्त्व हैं।
M कवच -2 × (3)2 = 18,
बाहरी कवच में आठ से अधिक इलेक्ट्रान नहीं हो सकते हैं। इसलिए तीसरे आवर्त में भी आठ तत्त्व होंगे।
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