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प्रश्न
वैश्वीकरण के संदर्भ में विकासशील देशों में राज्य की बदलती भूमिका का आलोचनात्मक मूल्यांकन करें?
थोडक्यात उत्तर
उत्तर
वैश्वीकरण के कारण विकासशील देशों में राज्य की बदलती भूमिका - विकासशील देशों में भारत भी आता है और इन देशों में वैश्वीकरण के कारण राज्य की परंपरागत भूमिका बदलने लगी है। इन देशों में राज्य की बदलती भूमिका की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं।
- राज्य की अपनी अर्थव्यवस्था का निर्धारण करने की क्षमता में बहुत कमी आई है क्योंकि आज सभी देशों में पूंजीवादी अर्थव्यवस्था मुक्त व्यापार खुली प्रतियोगिता आदि को अपनाया गया है अतः इस दृष्टि से राज्य की भूमिका में बदलाव आया है।
- राज्य द्वारा आयात - निर्यात के कड़े नियम बनाने तथा उन्हें लागू करने की भूमिका में परिवर्तन आया है क्योंकि वैश्वीकरण में व्यक्तियों वस्तुओं पूंजी तथा विचारों के तीव्र प्रवाह की धारणा आधारित भूत है। अतः अथवा परमिट पासपोर्ट लाइसेंस आदि की बाधाएं कम हुई है और राज्य की दृष्टि से भूमिका कम हुई है।
- आज विकासशील देशों में भी सामाजिक कल्याण सामाजिक सुरक्षा आदि की प्राथमिकताएं बाजार द्वारा निश्चित होती है सरकारों ने इन क्षेत्रों में अपनी गतिविधियों को सिमित किया है।
- वैश्वीकरण के वातावरण में राज्यों की अपनी निर्भरता बढ़ी है इससे राज्य की स्वेच्छापूर्वक राष्ट्रीय तथा विदेश नीति के निधरिण की शक्ति भी कम किया है और उन्हें अंतरराष्ट्रीय संगठनों की नीतियों तथा निर्णय को मानने के लिए बाध्य किया है।
- वैश्वीकरण ने राज्य की प्रभुत्ता तथा राष्ट्रीय सीमाओं पर हो उसके नियंत्रण को प्रभावित किया है राज्य अपने नागरिकों पर भी कड़ा नियंत्रण रखने में इतना ताकतवर नहीं रहे हैं।
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आर्थिक प्रभाव
या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?