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प्रश्न
'विश्व की सांझी विरासत' का क्या अर्थ है? इसका दोहन और प्रदूषण कैसे होता है?
उत्तर
विश्व की सांझी विरासत का अर्थ - उन संसाधनों को जिन पर किसी एक का नहीं बल्कि पुरे समुदाय का अधिकार होता है उसे सांझी संपदा कहा जाता है। यह सांझा चूल्हा, साँझा चरागाह, साँझा मैदान, साँझा कुआँ या नदी कुछ भी हो सकता है। इसी तरह विश्व के कुछ हिस्से और क्षेत्र किसी एक देश के संप्रभु क्षेत्राधिकार से बाहर होते हैं। इसीलिए उनका प्रबंधन साझे तौर पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा किया जाता है। उन्हें 'वैश्विक संपदा' या 'मानवता की सांझी विरासत' कहा जाता है।
इसमें पृथ्वी का वायुमंडल अंटार्कटिका, समुद्री सतह और बाहरी अंतरिक्ष शामिल हैं। दोहन और प्रदूषण 'वैश्विक संपदा' की सुरक्षा के सवाल पर अंतराष्ट्रीय सहयोग कायम करना टेढ़ी खीर है। इस दिशा में कुछ महत्त्वपूर्ण समझौते जैसे अंटार्कटिका संधि (1959), मांट्रियल न्यायाचार अथवा प्रोटोकॉल (1987) और अंटार्कटिका पर्यावरणीय न्यायाचार अथवा प्रोटोकॉल (1991) हो चुके हैं। परिस्थितिक से जुड़े हर मसले के साथ एक बड़ी समस्या यह जुडी है की अपुष्ट वैज्ञानिक साक्षयों और समय - सिमा को लेकर मतभेद पैदा होते हैं। ऐसे में एक सर्व - सामान्य पर्यावरणीय एजेंडे पर सहमति कायम करना मुश्किल होता है। इस अर्थ में 1980 के दशक के मध्य में अंटार्कटिक के ऊपर ओजोन परत में छेद की खोज एक आँख खोल देने वाली घटना है। ठीक इसी तरह वैश्विक संपदा के रूप में बाहरी अंतरिक्ष के इतिहास से भी पता चलता है की इस क्षेत्र के प्रबंधन पर उत्तरी और दक्षिणी गोलार्द्ध के देशों के बिच मौजूद असमानता का असर पड़ा है। धरती के वायुमंडल और समुद्री सतह के समान यहाँ भी महत्त्वपूर्ण मसला प्रौद्योगिकी और औद्योगिक विकास का है। यह एक जरूरी बात है क्योंकि बाहरी अंतरिक्ष में जो दोहन कार्य हो रहे हैं उनके फायदे न तो मौजूद पीढ़ी में सवके लिए बराबर हैं और न आगे की पीढ़ियों के लिए।
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