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प्रश्न
व्याख्या कीजिए कि ऐसा क्यों होता है –
रासायनिक या नाभिकीय संयत्रों में शीतलक (अर्थात द्रव जो संयत्र के भिन्न-भिन्न भागों को अधिक गर्म होने से रोकता है) की विशिष्ट ऊष्मा अधिक होनी चाहिए।
उत्तर
शीतलक का कार्य संयत्र से अभिक्रिया जनित ऊष्मा को हटाना है इसके लिए शीतलक की विशिष्ट ऊष्मा धारिता अधिक होनी चाहिए जिससे कि वह कम ताप-वृद्धि के लिए अधिक ऊष्मा शोषित कर सके।
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व्याख्या कीजिए कि ऐसा क्यों होता है –
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