मराठी
महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएस.एस.सी (इंग्रजी माध्यम) इयत्ता १० वी

“यार सुरेश ?” अशोक ने अपने पारिवारिक मित्र से बड़े अचरज से पूछा, मैं हमेशा देखता हूँ, तुम अपनी सौतेली माँ की दिन-रात सेवा करते रहते हो, लेकिन वह तुम्हें हमेशा बुरा-भला ही कहती है। - Hindi - Composite [हिंदी - संयुक्त]

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प्रश्न

निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

“यार सुरेश ?” अशोक ने अपने पारिवारिक मित्र से बड़े अचरज से पूछा, मैं हमेशा देखता हूँ, तुम अपनी सौतेली माँ की
दिन-रात सेवा करते रहते हो, लेकिन वह तुम्हें हमेशा बुरा-भला ही कहती है। बड़ी अजीब बात है, हमारे तो बस का काम नहीं है इतना सुनना, तुम कैसे कर लेते हो इतना सब्र ?” "करना पड़ता है भाई।” सुरेश ने फीकी मुस्कान से कहा, “इन्वेस्टमेंट सेंटर चलाता हूँ न, बाहर पैसे का इन्वेस्टमेंट करवाता हूँ और घर में संस्कारों का इन्वेस्टमेन्ट कर रहा हूँ।“संस्कारों का इन्वेस्टमेंट, वह कैसे ?”
“बचपन में मैंने परिजनों को बुजुर्गों की सेवा करते देखा । इसी भाव का इन्वेस्टमेन्ट अब अपने बच्चों में कर रहा हूँ।”

(1) उत्तर लिखिए:  (2)

(क) सौंतैली माँ का सुरेश के साथ व्यवहार ______।

(ख) सुरेश का सौतेली माँ के प्रति व्यवहार” ______।

(2) परिच्छेद से ढूँढ़कर लिखिए:   (2)

(ग) दो प्रत्यय युक्त शब्द ______।

(घ) दो विदेशी शब्द ______।

(3) 'बड़े-बुजुर्ग ही बच्चों के आदर्श' पर अपने विचार लिखिए।   (2)

थोडक्यात उत्तर
रिकाम्या जागा भरा
दीर्घउत्तर

उत्तर

(1)

(क) सौंतैली माँ का सुरेश के साथ व्यवहार - बुरा

(ख) सुरेश का सौतेली माँ के प्रति व्यवहार” - बहुत अच्छा, दिन -रात सेवा करना

(2)

(ग) पारिवारिक, पड़ता 

(घ) इन्वेस्टमेंट, सेंटर

(3) हमारे घर में बड़े-बुजुर्ग होने ही चाहिए। इनकी वजह से हम कभी रास्ते से भटक़ नहीं पाते। छोटे बच्चे भी बुजुर्ग का अनुकरण करते हैं। बुजुगों की वजह से हमे जीवन में सफल कैसे होना है उसकी प्रेरणा देते है। उनका ज्ञान और अनुभव बच्चों के लिए बहुत उपयोगी होता है। अगर कोई भी समस्या हो तो बड़े बुजुर्ग अपने अनुभव के जरिए उसका हल जरूर बताते है।

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2018-2019 (March) Set 1
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