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प्रश्न
यात्रा करते समय लेखक और उसके साथियों ने डाकुओं से अपनी जान कैसे बचाई?
उत्तर
तिब्बते यात्रा के दौरान लेखक ने डाँड़े जैसी खतरनाक जगहों पर भिखमंगों का वेश बनाकर यात्रा की और डाकुओं जैसे किसी को देखते ही टोपी उतारकर “कुची-कुची एक पैसा” कहकर यह बताता है कि वह भिखारी है।
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