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यदि चंपा पढ़ी-लिखी होती, तो कवि से कैसे बातें करती? - Hindi (Core)

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प्रश्न

यदि चंपा पढ़ी-लिखी होती, तो कवि से कैसे बातें करती?

थोडक्यात उत्तर

उत्तर

यदि चंपा पढ़ी-लिखी होती तो वह कवि से सहजता से बात नहीं करती। वह हर बात को घुमा-फिराकर कहती। उसमें बनावटीपन होता। वह विद्रोह का स्वर भी नहीं दिखाती। इसके अलावा, वह कवि की योग्यता का सम्मान करती।

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चंपा काले-काले अच्छर नहीं चीन्हती
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पाठ 2.06: चंपा काले काले अच्छर नहीं चीन्हती - अभ्यास [पृष्ठ १६३]

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एनसीईआरटी Hindi - Aaroh Class 11
पाठ 2.06 चंपा काले काले अच्छर नहीं चीन्हती
अभ्यास | Q 1. | पृष्ठ १६३
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