मराठी

यदि इतिहास नगरों में रहने वाले साहित्यकारों के लिखित विवरणों पर निर्भर करता है तो यायावर समाजों के बारे में हमेशा प्रतिकूल विचार ही रखे जाएँगे। - History (इतिहास)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

यदि इतिहास नगरों में रहने वाले साहित्यकारों के लिखित विवरणों पर निर्भर करता है तो यायावर समाजों के बारे में हमेशा प्रतिकूल विचार ही रखे जाएँगे। क्या आप इस कथन से सहमत हैं? क्या आप इसका कारण बताएँगे कि फ़ारसी इतिवृत्तकारों ने मंगोल अभियानों में मारे गए लोगों की इतनी बढ़ा-चढ़ाकर संख्या क्यों बताई है?

थोडक्यात उत्तर

उत्तर

इस तथ्य में कोई संदेह नहीं है कि इतिहास लिखित तथ्यों पर भरोसा करता है। वह साक्ष्यों की पृष्ठभूमि पर ही लिखा जाता है। यदि नगरों में रहने वाले साहित्यकारों के लिखित विवरणों से इतिहास रचा गया हो तो यायावर समाजों के प्रति हमेशा विपरीत विचार ही रखे जाएँगे। हाँ, मैं इस बात से सहमत हूँ कि कथन सही है। कारण यह है, फ़ारसी इतिहासकारों ने मंगोल अभियानों में मारे गए लोगों की संख्या बढ़ा-चढ़ाकर बताई है, ताकि लोग अपने शासकों के प्रति वफादार बने रहें और इससे मंगोल शासक को कमजोर समझकर अन्य मंगोल उनके देश में न घुस आएँ। इसके साथ ही इतिहासकारों को मंगोलों का संरक्षण प्राप्त नहीं था।

इल खानी ईरान में तेरहवीं सदी के आखिरी दशक में फारसी इतिहासवृत्त में महान खानों द्वारा की गई रक्त-रंजित हत्याओं का विस्तृत वर्णन किया गया है और मृतकों की संख्या बहुत अधिक बढ़ा-चढ़ाकर व्यक्त की गई है। उदाहरण के लिए, एक चश्मदीद गवाह ने इस विवरण के विरोध में लिखा है कि बुखारा की किले की रक्षा के लिए 400 सैनिक तैनात थे। इसके अतिरिक्त एक इल खानी इतिहासवृत्त में यह विवरण दिया गया है कि बुखारा के किले पर हुए आक्रमण में 3000 सैनिक हताहत हुए। यद्यपि इल खानी विवरणों में अभी भी चंगेज़ खान की प्रशंसा की जाती थी, तथापि उनमें साथ ही तसल्लीबख्श यह कथन भी दिया जाने लगा कि समय बदल चुका है और अब खून-खराबा समाप्त हो चुका है। चंगेज़ खान के वंशज अपनी प्रजा में यह धारणा नहीं कायम कर पाए कि इस बदले हुए समय में वीरता की ऐसी तस्वीर नहीं पेश कर सकते थे जैसी उनके पूर्वज चंगेज़ खान ने की थी।

shaalaa.com
मंगोलों की सामाजिक और राजनैतिक पृष्ठभूमि
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 5: यायावर साम्राज्य - अभ्यास [पृष्ठ १२२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी History [Hindi] Class 11
पाठ 5 यायावर साम्राज्य
अभ्यास | Q 4. | पृष्ठ १२२
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×