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Academic Year: 2023-2024
Date & Time: 21st February 2024, 10:30 am
Duration: 3h
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सामान्य निर्देश:
निम्नलिखित निर्देशों को बहुत सावधानी से पढ़िए और उनका सख्ती से अनुपालन कीजिए:
- इस प्रश्न -पत्र में कुल 17 प्रश्न हैं। सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
- इस प्रश्न -पत्र में दो खण्ड हैं - खण्ड अ और खण्ड ब। खण्ड अ में बहुविकल्पी/वस्तुपरक और खण्ड ब में वर्णनात्मक प्रश्न दिए गए हैं।
- खण्ड अ में कुल 10 प्रश्न हैं, जिनमें उपप्रश्नों की संख्या 44 है। दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए 40 उपप्रश्नो के उत्तर देना अनिवार्य है।
- खण्ड ब में कुल 7 प्रश्न हैं। सभी प्रश्नों के साथ उनके विकल्प भी दिए गए हैं। निर्देशानुसार विकल्प का ध्यान रखते हुए सभी प्रश्नों के उत्तर लिखिए।
- प्रश्नों के उत्तर दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए लिखिए।
- यथासंभव सभी प्रश्नों के उत्तर क्रमानुसार ही लिखिए।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए:
भारत में फिलहाल बिजली का बहुत बड़ा संकट नहीं है, मगर भविष्य की जरूरतों और स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ने के संकल्पों के तहत केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन को मंजूरी दी है। इस मिशन के माध्यम से भारत को ऊर्जा-स्वतंत्र बनाने, अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्रों को कार्बन मुक्त करने और वैकल्पिक ईंधन के उत्पादन, उपयोग और निर्यात के एक वैश्विक केंद्र में बदलने की योजना है। इसमें संदेह नहीं कि विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ने की कोशिश करते भारत जैसे देशों के लिए ऊर्जा में स्वाबलंबन हासिल करना सबसे बड़ी आवश्यकता है। हमें कारखाने लगाने, उत्पादन बढ़ाने, लाखों -करोड़ों युवाओं के लिए रोजगार पैदा करने हैं। इसके लिए स्वच्छ ऊर्जा की आवश्यकता है क्योंकि देश में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती हुई माँग की आपूर्ति हेतु करोड़ों रुपए प्रति वर्ष सरकार द्वारा खर्च किए जाते हैं। सौर-ऊर्जा के क्षेत्र में प्रगति हो रही है। इस प्रकार जनता को राहत दिलाते हुए ऊर्जा स्वाबलंबन हासिल किया जा सकता है, बशर्ते कुछ ठोस योजनाओं पर सतर्कता से अमल किया जाए। विशेषकर यह देखते हुए कि हाइड्रोजन स्वच्छ ईंधन है और एक बार दक्षता हासिल होने के बाद इससे अनंत काल तक असीमित ऊर्जा पाई जा सकती है। मगर इसमें कुछ समस्याएँ भी हैं। मुख्य अड़चन इसके भंडारण की है। यह अत्यंत विस्फोटक होने के कारण दुर्घटना का कारण बन सकती है। उम्मीद है राष्ट्रीय हाइड्रोजन मिशन में इससे जुड़ी सभी समस्याओं का समाधान निकाल लिया जाएगा। मसलन हाइड्रोजन ईंधन को सस्ता करना। कोयले की उपलब्धता का भी फिलहाल कोई संकट नहीं है। मगर ऊर्जा की बढ़ती माँग कोयले के भविष्य को धुँधला कर देती है। ऐसे में बेहतर होगा कि या तो परमाणु बिजली की तरफ बढ़ा जाए या फिर हाइड्रोजन ईंधन समेत स्वच्छ ऊर्जा के अन्य विकल्प आजमाए जाएँ। |
- राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन का/के मुख्य उद्देश्य है/हैं, भारत को:
- ऊर्जा क्षेत्र में स्वतंत्र बनाना
- सर्वोच्च स्थान तक पहुँचाना
- वैकल्पिक ईंधन का उत्पादन करना
- I सही है
- II सही है
- II और III सही है
- I और III सही हैं
- भारत को स्वच्छ ऊर्जा की आवश्यकता क्यों है?
- उत्पादन बढ़ाने और रोजगार पैदा करने के लिए
- स्वच्छ पर्यावरण को प्रोत्साहन देने के लिए
- युवा-पीढ़ी की आवश्यकताएँ पूरी करने के लिए
- वैश्विक माँग को पूरा करने के लिए
- भारत अपने ऊर्जा-व्यय को किस प्रकार सीमित कर सकता है?
- पेट्रोल-डीजल को प्रतिबंधित करके
- कम कीमत पर पेट्रोल-डीजल उपलब्ध करवाकर
- ऊर्जा स्वाबलंबन हासिल करके
- अपने देश में पेट्रोल-डीजल पैदा करके
- कौन-सा कथन अनुच्छेद के अनुरूप नहीं है?
- मिशन सभी समस्याओं का समाधान खोज लेगा।
- कोयले से प्राप्त बिजली सहज उपलब्ध है।
- स्वच्छ ऊर्जा के अन्य विकल्प खोजने चाहिए।
- परमाणु बिजली को छोड़ देना चाहिए।
-
कथन और कारण को पढ़कर उपयुक्त विकल्प चुनिए:
कथन: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन को मंजूरी दी है।
कारण: भविष्य की जरूरतों को पूरा करने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए जरूरी है।- कथन गलत है, किंतु कारण सही है।
- कथन और कारण दोनों गलत हैं।
- कथन सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या है।
- कथन सही है और कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
Chapter:
निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए:
हे ग्राम देवता! नमस्कार! सोने-चाँदी से नहीं किंतु तुमने मिट्टी से किया प्यार। हे ग्राम देवता! नमस्कार! जन कोलाहल से दूर कहीं एकाकी सिमटा-सा निवास, रवि-शशि का उतना नहीं कि जितना प्राणों का होता प्रकाश। श्रम-वैभव के बल पर करते हो, जड़ में चेतन का विकास, दानों-दानों में फूट रहे, सौ-सौ दानों के हरे हास। यह है न पसीने की धारा, यह गंगा की है धवल धार। हे ग्राम देवता! नमस्कार अधखुले अंग जिनमें केवल है कसे हुए कुछ अस्थि-खंड जिनमें दधीचि की हड्डी है, यह वज्र इंद्र का है प्रचंड! जो है गतिशील सभी ऋतु में गर्मी, वर्षा हो या कि ठंड। जग को देते हो पुरस्कार, देकर अपने को कठिन दंड। झोपड़ी झुकाकर तुम अपनी, ऊँचे करते हो राज-द्वार! हे ग्राम देवता! नमस्कार! |
- 'किसान स्वयं छोटे-से घर में संतुष्ट रहता है।' -यह भाव किन पंक्तियों में आया है?
- सोने-चाँदी से नहीं किंतु
तुमने मिट्टी से किया प्यार। - जन कोलाहल से दूर कहीं
एकाकी सिमटा-सा निवास। - रवि-शशि का उतना नहीं कि
जितना प्राणों का होता प्रकाश। - जो है गतिशील सभी ऋतु में
गर्मी, वर्षा हो या कि ठंड।
- सोने-चाँदी से नहीं किंतु
- किसान को कवि ने 'देवता' क्यों कहा है?
- गर्मी-सर्दी सभी ऋतुओं में कठोर परिश्रम करने के कारण
- ऊँचे-ऊँचे राज-प्रासादों में रहने वालों का पेट भरने के कारण
- सोने-चाँदी के स्थान पर मिट्टी से प्रेम करने के कारण
- अपने श्रमबल से अन्न उपजा कर संसार का पेट भरने के कारण
- किसान के परिश्रम का परिणाम है।
- गंगा की धारा का धवल होना
- खेतों में चहल-पहल होना
- ऊसर भूमि का हरे-भरे खेतों में बदलना
- पसीने का वर्षा में बदलना
- अंतिम पद में किसान की कौन-सी विशेषताओं का वर्णन है?
- सहनशीलता-उदारता
- अहिंसक-सत्यवादी
- कर्मठ-प्रतिभाशाली
- दानवीर-विश्वसनीय
- कथन और कारण पर विचार करते हुए सही विकल्प चुनिए:
कथन: किसान को किसी तरह का लालच नहीं है
कारण: किसान धन-दौलत से ऊपर उठकर मिट्टी से प्रेम करता है। मिट्टी ही उसका जीवन है।- कथन गलत है, किंतु कारण सही है।
- कथन सही है, किंतु कारण गलत है।
- कथन सही है, किंतु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
- कथन सही है और कारण, कथन की सही व्याख्या है।
Chapter:
महावीर प्रसाद द्विवेदी केवल एक व्यक्ति नहीं थे वे एक संस्था थे - इस वाक्य का सरल वाक्य होगा।
जो महावीर प्रसाद द्विवेदी थे वे केवल एक व्यक्ति नहीं संस्था थे।
महावीर प्रसाद द्विवेदी केवल एक व्यक्ति नहीं थे बल्कि वे एक संस्था थे।
महावीर प्रसाद द्विवेदी केवल एक व्यक्ति नहीं थे परंतु वे एक संस्था थे।
महावीर प्रसाद द्विवेदी केवल एक व्यक्ति न होकर संस्था थे।
Chapter:
जिस टोली के अधिक बच्चे खिंच जाते हैं उस टोली की हार होती है। - इस वाक्य का संयुक्त वाक्य होगा:
अधिक बच्चे खिंच जाने पर टोली की हार होती है।
टोली के अधिक बच्चे खिंच जाते हैं इसलिए टोली की हार होती है।
जब टोली के अधिक बच्चे खिंच जाते हैं तो टोली की हार होती है।
वह टोली हार जाती है जिसके अधिक बच्चे खिंच जाते हैं।
Chapter:
निम्नलिखित में मिश्र वाक्य है:
आज सुबह पापा ने जल्दी से मुझे उठाया और ओले दिखाए।
आज सुबह पापा ने मुझे जल्दी उठाकर ओले दिखाए।
अभी तक कोई बच्चा खेलने नहीं निकला।
हमने देखा कि सामने वाले मैदान में हरी-हरी घास पर ओले गिर रहे थे।
Chapter:
निम्नलिखित वाक्यों में संयुक्त वाक्य पहचानकर नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाला विकल्प चुनकर लिखिए।
- पापा ने दीदी को भी उठाया।
- चिड़िया भाग रही थी और कौए परेशान थे।
- दोपहर को जब धूप निकली तब हम खेलने निकले।
- बारिश हो रही थी लेकिन ओले गिरने बंद हो गए थे।
I और II
II और III
II और IV
I और IV
Chapter:
स्तंभ-I को स्तंभ-II से सुमेलित कीजिए और सही विकल्प का चयन करके लिखिए:
स्तंभ-I | स्तंभ-II | ||
1. | आज मेरा नया पेंसिल बॉक्स आया है। | (I) | मिश्र वाक्य |
2. | उसने बताया कि चिड़िया उड़ गई। | (II) | संयुक्त वाक्य |
3 | पेड़ काँप रहे थे और बिजली चमक रही थी। | (III) | सरल वाक्य |
1 - (I), 2 - (II), 3 - (III)
1 - (III), 2 - (I), 3 - (II)
1 - (II), 2 - (III), 3 - (I)
1 - (II), 2 - (I), 3 - (III)
Chapter:
'अध्यापक ने बराबर के फासले पर दो पंक्तियाँ खींची।' इसका शुद्ध कर्मवाच्य होगा:
अध्यापक द्वारा बराबर के फासले पर दो पंक्तियाँ खींची गईं।
अध्यापक बराबर के फासले पर दो पंक्तियाँ खींचेंगे।
अध्यापक से बराबर के फासले पर दो पंक्तियाँ खींची जाएँगी।
अध्यापक बराबर के फासले पर दो पंक्तियाँ खींच रहे हैं।
Chapter:
'उससे वहाँ बैठा नहीं गया।' वाक्य का वाच्य है:
कर्तृवाच्य
कर्मवाच्य
भाववाच्य
कर्तृवाच्य और भाववाच्य दोनों
Chapter:
एक 'चिड़िया हमारी खिड़की पर डरी-डरी बैठी थी।' -यह वाक्य उदाहरण है:
भाववाच्य का
कर्तृवाच्य का
कर्मवाच्य का
विचारवाच्य का
Chapter:
निम्नलिखित वाक्यों में भाववाच्य के उदाहरण पहचानकर नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाला विकल्प चुनकर लिखिए:
- हम मिट्टी के गोले बनाकर सुखा देते हैं।
- हम उन पर पेंटिंग करते हैं।
- मुझसे अब चला जाता है।
- चिड़िया से उड़ा जाता है।
I और II
II और III
III और IV
I और IV
Chapter:
स्तंभ-I को स्तंभ-II से सुमेलित कीजिए और सही विकल्प का चयन करके लिखिए:
स्तंभ-I | स्तंभ-II | ||
1. | नागार्जुन को सम्मानित किया गया। | (I) | भाववाच्य |
2. | माँ से खड़ा नहीं हुआ जाता। | (II) | कर्तृवाच्य |
3. | नागार्जुन 'यात्री' नाम से प्रतिष्ठित हैं। | (III) | कर्मवाच्य |
1 - (I), 2 - (II), 3 - (III)
1 - (III), 2 - (II), 3 - (I)
1 - (II), 2 - (I), 3 - (III)
1 - (III), 2 - (I), 3 - (II)
Chapter:
निम्नलिखित वाक्य में रेखांकित पद में से सही पद परिचय वाला विकल्प चुनकर लिखिए।
मैथिलीशरण गुप्त को साहित्यिक योगदान के लिए अनेक पुरस्कार मिले और उन्हें सराहा भी गया।
व्यक्तिवाचक संज्ञा, एकवचन, पुल्लिंग, कर्ताकारक
जातिवाचक संज्ञा, एकवचन, पुल्लिंग, कर्ताकारक
भाववाचक संज्ञा, एकवचन, पुल्लिंग, कर्मकारक
व्यक्तिवाचक संज्ञा, एकवचन, पुल्लिंग, कर्मकारक
Chapter:
निम्नलिखित वाक्य में रेखांकित शब्द में से सही पद परिचय वाला विकल्प चुनकर लिखिए।
मैथिलीशरण गुप्त को साहित्यिक योगदान के लिए अनेक पुरस्कार मिले और उन्हें सराहा भी गया।
परिमाणवाचक विशेषण, बहुवचन, पुल्लिंग, पुरस्कार विशेष्य
गुणवाचक विशेषण, बहुवचन, पुल्लिंग, पुरस्कार विशेष्य
संख्यावाचक विशेषण, बहुवचन, पुल्लिंग, पुरस्कार विशेष्य
संख्यावाचक विशेषण, एकवचन, पुल्लिंग, पुरस्कार विशेष्य
Chapter:
निम्नलिखित वाक्य में रेखांकित शब्द में से सही पद परिचय वाला विकल्प चुनकर लिखिए।
मैथिलीशरण गुप्त को साहित्यिक योगदान के लिए अनेक पुरस्कार मिले और उन्हें सराहा भी गया।
अकर्मक क्रिया, एकवचन, पुल्लिंग, भूतकाल
अकर्मक क्रिया, बहुवचन, पुल्लिंग, भूतकाल
सकर्मक क्रिया, एकवचन, पुल्लिंग, भूतकाल
सकर्मक क्रिया, बहुवचन, पुल्लिंग, भूतकाल
Chapter:
निम्नलिखित वाक्य में रेखांकित शब्द में से सही पद परिचय वाला विकल्प चुनकर लिखिए।
मैथिलीशरण गुप्त को साहित्यिक योगदान के लिए अनेक पुरस्कार मिले और उन्हें सराहा भी गया।
अन्यपुरुषवाचक सर्वनाम, पुल्लिंग, एकवचन, कर्ताकारक
अन्यपुरुषवाचक सर्वनाम, पुल्लिंग, आदरार्थक बहुवचन, कर्मकारक
उत्तमपुरुषवाचक सर्वनाम, पुल्लिंग, एकवचन, कर्ताकारक
उत्तमपुरुषवाचक सर्वनाम, पुल्लिंग, एकवचन, कर्मकारक
Chapter:
निम्नलिखित वाक्य में रेखांकित शब्द में से सही पद परिचय वाला विकल्प चुनकर लिखिए।
मैथिलीशरण गुप्त को साहित्यिक योगदान के लिए अनेक पुरस्कार मिले और उन्हें सराहा भी गया।
निपात, 'सराहा' पर बल दे रहा है।
निपात, 'पुरस्कार' पर बल दे रहा है।
समानाधिकरण योजक, दो वाक्यों को जोड़ रहा है।
व्यधिकरण योजक, दो शब्दों को जोड़ रहा है।
Chapter:
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'सुबरन को ढूँढत फिरत कवि, व्यभिचारी, चोर।' -में अलंकार है:
श्लेष
उत्प्रेक्षा
अतिशयोक्ति
मानवीकरण
Chapter:
'प्रातहि जगावत गुलाब चटकारी दै।' -में कौन-सा अलंकार है?
श्लेष
उत्प्रेक्षा
अतिशयोक्ति
मानवीकरण
Chapter:
'मानो माई घनघन अंतर दामिनी।' कौन-सा अलंकार है?
श्लेष
उत्प्रेक्षा
अतिशयोक्ति
मानवीकरण
Chapter:
'जिस वीरता से शत्रुओं का सामना उसने किया। असमर्थ हो उसके कथन में मौन वाणी ने लिया।' - में अलंकार निहित है:
श्लेष
उत्प्रेक्षा
अतिशयोक्ति
मानवीकरण
Chapter:
निम्नलिखित में मानवीकरण अलंकार का उदाहरण है।
तीन बेर खाती थी वे तीन बेर खाती हैं।
विज्ञान यान पर चढ़ी सभ्यता डूबने जाती है।
संसार की समरस्थली में धीरता धारण करो।
कलियाँ दरवाजे खोल-खोल जब झुरमुट में मुस्काती हैं।
Chapter:
निम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित बहुविकल्पी प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए:
खेतीबारी करते, परिवार रखते भी, बालगोबिन भगत साधु थे -साधु की सब परिभाषाओं में खरे उतरने वाले। कबीर को 'साहब' मानते थे, उन्हीं के गीतों को गाते, उन्हीं के आदेशों पर चलते। कभी झूठ नहीं बोलते, खरा व्यवहार रखते। किसी से भी दो-टूक बात करने में संकोच नहीं करते, न किसी से खामखाह झगड़ा मोल लेते। किसी की चीज नहीं छूते, न बिना पूछे व्यवहार में लाते। इस नियम को कभी-कभी इतनी बारीकी तक ले जाते कि लोगों को कुतूहल होता! -कभी वह दूसरे के खेत में शौच के लिए भी नहीं बैठते! वह गृहस्थ थे, लेकिन उनकी सब चीज 'साहब' की थी। जो कुछ खेत में पैदा होता, सिर पर लादकर पहले उसे साहब के दरबार में ले जाते-जो उनके घर से चार कोस दूर पर था -एक कबीरपंथी मठ से मतलब! वह दरबार में 'भेंट' रूप रख लिया जाकर 'प्रसाद' रूप में जो उन्हें मिलता, उसे घर लाते और उसी से गुजर चलाते! |
- कथन और कारण पर विचार करते हुए सही विकल्प चुनिए:
कथन: बालगोबिन भगत साधु प्रकृति के थे।
कारण: गृहस्थ होते हुए भी निर्मोही जीवन व्यतीत करते थे।- कथन सही है, किंतु कारण गलत है।
- कथन गलत है, किंतु कारण सही है।
- कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
- कथन के लिए कारण सही व्याख्या नहीं है।
- इस गद्यांश में बालगोबिन भगत की किन विशेषताओं का उल्लेख किया गया है?
- सत्यवादी, स्पष्टवक्ता, निष्ठावान
- सत्यवादी, साहसी, स्पष्टवादी
- निष्ठावान, जिज्ञासु, स्पष्टवादी
- कर्मठ, जिज्ञासु, निष्ठावान
- बालगोबिन कबीर को अपना मानते थे:
- भाई
- मित्र
- पिता
- गुरु
- बालगोबिन का कबीर को अपना 'आदर्श' मानने का आधार था, कबीर की:
- सत्यप्रियता और मधुर गायन
- गृहस्थ होते हुए भी साधु प्रवृत्ति
- स्पष्टवादिता और रूढ़ियों का विरोध
- गृहस्थ होते हुए संसार से विरक्ति
- निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गद्यांश के अनुरूप नहीं है?
- बालगोबिन कबीर के आदेशों का पालन करते
- बिना अनुमति के किसी की वस्तु नहीं छूते
- दो-टूक बात करने में संकोच करते
- 'प्रसाद' से ही गुजर-बसर करते
Chapter:
'नेताजी का चश्मा' पाठ का केन्द्र बिंदु है:
देशभक्ति
दिव्यांग का साहस
नेताजी का चश्मा
नेताजी की मूर्ति
Chapter:
'लखनवी अंदाज' के लेखक ने यात्रा के लिए सेकंड क्लास का टिकट क्यों लिया?
लंबा सफर तय करना था
पैसे अपेक्षाकृत कम लगते
नई कहानी के बारे में सोच सकने के लिए
नवाब साहब से दोस्ती करने के लिए
Chapter:
पठित पद्यांश पर आधारित बहुविकल्पी प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए:
लखन कहा हसि हमरे जाना। सुनहु देव सब धनुष समाना।। का छति लाभु जून धनु तोरें। देखा राम नयन के भोरें।। छुअत टूट रघुपति हु न दोसू। मुनि बिनु काज करिअ कत रोसू।। बोले चितै परसु की ओरा। रे सठ सुनेहि सुभाउ न मोरा।। बालकु बोलि बधौं नहि तोही। केवल मुनि जड़ जानहि मोही।। बाल ब्रह्मचारी अति कोही। बिस्वविदित क्षत्रियकुल द्रोही।। |
- पद्यांश में लक्ष्मण किन्हें संबोधित कर रहे हैं?
- श्रीराम को
- राजा जनक को
- परशुराम को
- विश्वामित्र को
- लक्ष्मण ने धनुष टूटने के लिए कौन-से तर्क दिए?
- सभी धनुष एक समान हैं
- पुराना धनुष टूटने से क्या हानि, क्या लाभ?
- वह तो छूते ही टूट गया
- मुनिवर आप इतना क्रोध क्यों कर रहे हो?
- I, II, IV
- II, III, IV
- I, II, III
- I, III, IV
- 'परशुराम ने अपने फरसे की ओर देखा' -इसका क्या भाव है?
- उनका फरसा अति सुन्दर है।
- उनका फरसा उनका सहारा है।
- वैसा फरसा किसी और के पास नहीं है।
- वे कमजोर नहीं, फरसाधारी वीर हैं।
- परशुराम ने लक्ष्मण का वध न करने के लिए क्या तर्क दिया?
- वे बालक का 'वध नहीं करेंगे।
- वे मुनि हैं, अत: किसी का वध नहीं करेंगे।
- वध करने के लिए उनका फरसा अनुपयुक्त है।
- ऐसा उनका स्वभाव ही नहीं है।
- परशुराम ने अपने परिचय में नहीं कहा:
- मैं निरा मुनि नहीं हूँ।
- मैं अत्यधिक क्रोधी हूँ।
- मैं बाल ब्रह्मचारी हूँ।
- मैं बहुत विद्वान हूँ।
Chapter:
'उत्साह' कविता की विशेषताएँ हैं:
- संबोधन शैली
- खड़ी बोली
- ब्रजभाषा
- संवाद शैली
I, II
III, IV
II, III
I, IV
Chapter:
'यह दंतुरित मुसकान' कविता में कौन-सा भाव मुखरित होता है?
मैत्री
व्यंग्य
प्रेम
वात्सल्य
Chapter:
गद्य खंड के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:
'एक कहानी यह भी' से लिया गया 'निहायत असहाय मजबूरी में लिपटा उनका यह त्याग कभी मेरा आदर्श नहीं बन सका।' -यह कथन किसके लिए कहा गया है और क्यों?
Chapter:
गद्य खंड के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:
बिस्मिल्ला खाँ के जीवन में रसूलनबाई और बतूलनबाई का क्या महत्त्व है?
Chapter:
गद्य खंड के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:
कौसल्यायन जी ने 'संस्कृति' किसे कहा है?
Chapter:
गद्य खंड के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:
हम कैसे कह सकते हैं कि पानवाला कैप्टन का मित्र था? 'नेताजी का चश्मा' पाठ के आधार पर लिखिए।
Chapter:
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निर्धारित कविता के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों मे लिखिए:
उद्धव ने गोपियों को समझाने के लिए कौन-सा उपदेश दिया और गोपियों को वह पसंद क्यों नहीं आया?
Chapter:
निर्धारित कविता के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों मे लिखिए:
जयशंकर प्रसाद ने अपनी आत्मकथा न लिखने के क्या कारण गिनवाए हैं?
Chapter:
निर्धारित कविता के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों मे लिखिए:
'मुख्य गायक-गायिकाओं की सफलता उनके संगतकारों पर निर्भर करती है।' -स्पष्ट कीजिए।
Chapter:
निर्धारित कविता के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों मे लिखिए:
निराला ने फागुन मास के सौंदर्य का वर्णन किया है। आप फागुन में अपने आस-पास के सौंदर्य का वर्णन कीजिए।
Chapter:
'पूरक पाठ्य-पुस्तक' के पाठ पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में लिखिए:
'माता का अँचल' पाठ में वर्णित बच्चों के खेल अलग थे और वर्तमान काल में अलग हैं। दोनों में भिन्नता का विवरण देते हुए अपने विचार भी लिखिए।
Chapter:
'पूरक पाठ्य-पुस्तक' के पाठ पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में लिखिए:
'साना-माना हाथ जोड़ि' पाठ में जितेन ने पहाड़ी स्कूली बच्चों के बारे में क्या-क्या बताया? आपकी दिनचर्या इन बच्चों से कितनी भिन्न है? संक्षेप में लिखिए।
Chapter:
'पूरक पाठ्य-पुस्तक' के पाठ पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में लिखिए:
'अज्ञेय जी ने किसी रचना के लेखन के कौन-कौन से कारण गिनवाए हैं? अपने लेखन के बारे में उन्होंने क्या कहा? स्पष्ट कीजिए।
Chapter:
निम्नलिखित विषय पर दिए गए संकेत बिंदुओं के आधार पर लगभग 120 शब्दों में अनुच्छेद लिखिए:
लड़की पढ़े तो घर शिक्षित हो जाए
संकेत बिन्दु:
- आवश्यकता
- घर का शिक्षित होना
- समाज का शिक्षित होना
Chapter:
निम्नलिखित विषय पर दिए गए संकेत बिंदुओं के आधार पर लगभग 120 शब्दों में अनुच्छेद लिखिए:
खेलें खेल, खेल-भावना से
संकेत बिन्दु:
- खेल-भावना
- खेल अनुशासन की पहचान
- खेल वही जो मेल बढ़ाए
Chapter:
निम्नलिखित विषय पर दिए गए संकेत बिंदुओं के आधार पर लगभग 120 शब्दों में अनुच्छेद लिखिए:
विज्ञान के बढ़ते कदम
संकेत बिन्दु:
- हर तरफ विज्ञान का बोल बाला
- सहज जीवन
- वैज्ञानिक उड़ान
Chapter:
आप दीप्ति/प्रदीप हैं। अपने विद्यालय के प्रधानाचार्य को क्रिकेट प्रशिक्षक (कोच) की व्यवस्था करवाने हेतु लगभग 100 शब्दों में एक पत्र लिखिए।
Chapter:
आप मोहिनी/मोहित हैं। आपकी दादी का नया काव्य-संग्रह 'कुदरत की लय' हाल ही में प्रकाशित हुआ है। उन्हें बधाई देते हुए लगभग 100 शब्दों में एक पत्र लिखिए।
Chapter:
आप विवेक/वल्लरी हैं। आपके पड़ोस के विद्यालय में हिन्दी शिक्षक के लिए पद रिक्त है। आप उक्त पद की योग्यता, एम. ए. (हिन्दी), बी. एड. को धारण करते हैं। उक्त पद के लिए विद्यालय के प्रधानाचार्य को आवेदन भेजने के लिए लगभग 80 शब्दों में एक संक्षिप्त स्ववृत्त लिखिए।
Chapter:
आप दिनेश/सृष्टि हैं। आपके मुहल्ले में पानी की आपूर्ति बाधित है, अत: जल उपलब्ध कराने के लिए जल आपूर्ति-विभाग के अध्यक्ष को लगभग 80 शब्दों में शिकायती ई-मेल लिखिए।
Chapter:
आप रूपेंद्र/रूपा हैं। आप अपनी पुरानी साइकिल बेचना चाहते हैं। उससे संबंधित जानकारी देते हुए एक आकर्षक विज्ञापन लगभग 40 शब्दों में तैयार कीजिए।
Chapter:
आप शिक्षा/विदित हैं। अपनी मित्र स्नेहा को बैडमिटन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर चयनित होने के लिए लगभग 40 शब्दों में एक बधाई-संदेश लिखिए।
Chapter:
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