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निम्नलिखित मुहावरे का अर्थ लिखकर उचित वाक्य में प्रयोग कीजिए:
वाह-वाह करना।
Concept: मुहावरे और कहावतें
निम्नलिखित शब्द की पारिभाषिक शब्द लिखिए।
Integrated circuit
Concept: पारिभाषिक शब्दावली
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 'नवनिर्माण' कविता का रसास्वान कीजिए।
मुद्दे :
- रचना का शीर्षक -
- रचनाकार का नाम -
- पसंद की पंक्तियाँ -
- पसंद आने के कारण -
- कविता का केन्द्रीय भाव -
Concept: नवनिर्माण
निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:
संयोग से तभी उन्हें कहीं से तीन सौ रुपये मिल गए। वही पूँजी मेरे पास जमा करके उन्होंने मुझे अपने खर्च का बजट बना देने का आदेश दिया। जिन्हें मेरा व्यक्तिगत हिसाब रखना पड़ता है, वे जानते हैं कि यह कार्य मेरे लिए कितना दुष्कर है। न वे मेरी चादर लंबी कर पाते हैं; न मुझे पैर सिकोड़ने पर बाध्य कर सकते हैं; और इस प्रकार एक विचित्र रस्साकशी में तीस दिन बीतते रहते हैं। पर यदि अनुत्तीर्ण परीक्षार्थियों की प्रतियोगिता हो तो सौ में दस अंक पाने वाला भी अपने-आपको शून्य पाने वाले से श्रेष्ठ मानेगा। अस्तु, नमक से लेकर नापित तक और चप्पल से लेकर मकान के किराये तक का जो अनुमानपत्र मैंने बनाया; वह जब निराला जी को पसंद आ गया, तब पहली बार मुझे अपने अर्थशास्त्र के ज्ञान पर गर्व हुआ। पर दूसरे ही दिन से मेरे गर्व की व्यर्थता सिद्ध होने लगी। वे सवेरे ही पहुँचे। पचास रुपये चाहिए... किसी विद्यार्थी का परीक्षा शुल्क जमा करना है, अन्यथा वह परीक्षा में नहीं बैठ सकेगा। संध्या होते-होते किसी साहित्यिक मित्र को साठ देने की आवश्यकता पड़ गई। दूसरे दिन लखनऊ के किसी ताँगेवाले की माँ को चालीस का मनीऑर्डर करना पड़ा। दोपहर को किसी दिवंगत मित्र की भतीजी के विवाह के लिए सौ देना अनिवार्य हो गया। सारांश यह कि तीसरे दिन उनका जमा किया हुआ रुपया समाप्त हो गया और तब उनके व्यवस्थापक के नाते यह दान खाता मेरे हिस्से आ पड़ा। |
(१) संजाल पूर्ण कीजिए: (२)
(२) निम्नलिखित शब्दों के लिए गद्यांश में आए हुए विलोम शब्द लिखिए: (२)
- वियोग × ______
- उत्तीर्ण × ______
- नापसंद × ______
- अज्ञान × ______
(३) ‘जीवन में मित्रों का महत्त्व’ इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए। (२)
Concept: निराला भाई
निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:
अपने हृदय का सत्य, अपने-आप हमको खोजना। बेकार है मुस्कान से ढकना हृदय की खिन्नता। |
(१) उत्तर लिखिए: (२)
- हमें हृदय की इस बात को खोजना है - ______
- हर एक राही को भटककर मिलती है - ______
- इसे मुस्कान से ढकना बेकार है - ______
- यह आदर्श नहीं हो सकती है - ______
(२) निम्नलिखित शब्दों के प्रत्यय निकालकर पद्यांश में आए हुए मूल शब्द ढूँढ़कर लिखिए: (२)
- सत्यता - ______
- सुखी - ______
- राही - ______
- मुस्कुराहट - ______
(३) ‘संघर्ष करने वाला व्यक्ति ही जीवन में सफल होता है’ इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए। (२)
Concept: सच हम नहीं; सच तुम नहीं
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 'सच हम नहीं सच तुम नहीं' कविता का रसास्वादन कीजिए:
- रचनाकार का नाम [1]
- पसंद की पंक्तियाँ [1]
- पसंद आने के कारण [2]
- कविता की केंद्रीय कल्पना [2]
Concept: सच हम नहीं; सच तुम नहीं
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग ८० से १०० शब्दों में लिखिए।
‘आदर्श बदला’ कहानी के शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट कीजिए।
Concept: आदर्श बदला
जीवन के अनुभवों और वास्तविकता से परिचित कराने वाले वृंद जी के दोहों का रसास्वादन कीजिए।
Concept: वृंद के दोहे
दोहा छंद की विशेषताएँ बताइए।
Concept: वृंद के दोहे
निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:
तेरी गति मिति तूहै जाणहि किआ को आखि वखाणै गगन मै थालु रवि चंदु दीपक बने। |
(१) कृति पूर्ण कीजिए: (२)
(२) उचित मिलान कीजिए: (२)
(१) | ईश्वर | काल |
(२) | आकाश | प्रभु |
(३) | समय | खोजता |
(४) | खोज | गगन |
(३) ‘विद्यार्थी जीवन में गुरु का महत्व’ इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए। (२)
Concept: गुरुबानी
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 'गुरुबानी' कविता का रसास्वादन कीजिए:
- रचनाकर का नाम (१) -
- पसंद की पंक्तियाँ (१) -
- पसंद आने के कारण (२) -
- कविता की केंद्रीय कल्पना (२) -
Concept: गुरुबानी
निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:
जालि मोहु घसि मसि करि, मन रे अहिनिसि हरि गुण सारि। |
- (१) सहसंबंध लिखिए: [2]
(१) मोह को जलाकर और घिसकर बनाइए विरले (२) श्रेष्ठ कागज बनाना है, इससे प्रभु के दर्शन (३) संसार में हरि का नाम न भूलने वाले स्याही (४) जिसने प्रभु के नाम की माला जपी उसे मति - निम्नलिखित शब्दों के उपसिर्ग हटाकर पद्यांश में आए हुए मूलशब्द दूँढकर लिखिए: [2]
- सुमति - ______
- सदगुण - ______
- निर्जन - ______
- अहिंसा - ______
- "गुरु का महत्त्व" इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए। [2]
Concept: गुरुबानी
निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:
‘‘वे मुझे बर्दाश्त नहीं कर सकते, यदि मुझपर हँसें नहीं। मेरी मानसिक और नैतिक महत्ता लोगों के लिए असहनीय है। उन्हें उबाने वाली खूबियों का पुंज लोगों के गले के नीचे कैसे उतरे? इसलिए मेरे नागरिक बंधु या तो कान पर उँगली रख लेते हैं या बेवकूफी से भरी हँसी के अंबार के नीचे ढँक देते हैं मेरी बात।’’ शॉ के इन शब्दों में अहंकार की पैनी धार है, यह कहकर हम इन शब्दों की उपेक्षा नहीं कर सकते क्योंकि इनमें संसार का एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण सत्य कह दिया गया है। संसार में पाप है, जीवन में दोष, व्यवस्था में अन्याय है, व्यवहार में अत्याचार... और इस तरह समाज पीड़ित और पीड़क वर्गों में बँट गया है। सुधारक आते हैं, जीवन की इन विडंबनाओं पर घनघोर चोट करते हैं। विडंबनाएँ टूटती-बिखरती नजर आती हैं पर हम देखते हैं कि सुधारक चले जाते हैं और विडंबनाएँ अपना काम करती रहती हैं। आखिर इसका रहस्य क्या है कि संसार में इतने महान पुरुष, सुधारक, तीर्थंकर, अवतार, संत और पैगंबर आ चुके पर यह संसार अभी तक वैसा-का-वैसा ही चल रहा है। |
(१) आकृति पूर्ण कीजिए: (२)
- संसार में -
- जीवन में -
- व्यवस्था में -
- व्यवहार में -
(२) निम्नलिखित शब्दों के लिए गद्यांश में आए हुए शब्दों के समानार्थी शब्द लिखिए: (२)
- ढेर -
- धारदार -
- शोषक -
- उपहास -
(३) ‘समाजसेवा ही ईश्वरसेवा है’ इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए। (२)
Concept: पाप के चार हथियार
डॉ. मुकेश गौतम जी की रचनाएँ लिखिए।
Concept: पेड़ होने का अर्थ
निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:
अंकुरित होने से ठूँठ हो जाने तक जहाँ भी खड़ा हो हत्या या आत्महत्या नहीं करता है पेड़। पेड़ करता है सभी का स्वागत, |
(१) आकृति पूर्ण कीजिए: (२)
(२) निम्नलिखित शब्दों के वचन पद्यांश में से ढूँढ़कर लिखिए: (२)
- आँधियाँ - ______
- साँसें - ______
- सड़कें - ______
- हवाएँ - ______
(३) ‘पेड़ मनुष्य को प्रेरणा देता है’ इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए। (२)
Concept: पेड़ होने का अर्थ
निम्नलिखित पद्वांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:
हमारी साँसों के लिए शुद्ध हवा बीमारी के लिए दवा शवयात्रा, शगुन या बारात सभी के लिए देता है पुष्पों की सौगात आदिकाल से आज तक सुबह-शाम, दिन-रात हमेशा देता आया है मनुष्य का साथ कवि को मिला कागज, कलम, स्याही वैद, हकीम को दवाई शासन या प्रशासन सभी के बैठने के लिए कुर्सी, मेज, आसन जो हम उपयोग नहीं करें वृक्ष के पास ऐसी एक भी नहीं चीज है। |
- कृति पूर्ण कीजिए: [2]
- निम्नलिखित शब्दों के वचन बदलकर लिखिए: [2]
- बीमारियाँ - ______
- दवाई - ______
- कुर्सियाँ - ______
- चीज़ - ______
- “पेड़ हमारा दाता है" इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए। [2]
Concept: पेड़ होने का अर्थ
निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:
बदले वक्त के साथ बदलते समय के नये मूल्यों को भी पहचानकर हमें अपनाना है पर यहाँ ‘पहचान’ शब्द को रेखांकित करो। बिना समझे, बिना पहचाने कुछ भी नया अपनाने से लाभ के बजाय हानि उठानी पड़ सकती है। पश्चिमी दुनिया का हर मूल्य हमारे लिए नये मूल्य का पर्याय नहीं हो सकता। हमारे बहुत-से पुराने मूल्य अब इतने टूट-फूट गए हैं कि उन्हें भी जैसे-तैसे जोड़कर खड़ा करने का मतलब होगा, अपने आधार को कमजोर करना। या यूँ भी कह सकते हैं कि अपनी अच्छी परंपराओं को रूढ़ि में ढालना। समय के साथ अपना अर्थ खो चुकी या वर्तमान प्रगतिशील समाज को पीछे ले जाने वाली समाज की कोई भी रीति-नीति रूढ़ि है, समय के साथ अनुपयोगी हो गए मूल्यों को छोड़ती और उपयोगी मूल्यों को जोड़ती निरंतर बहती धारा परंपरा है, जो रूढ़ि की तरह स्थिर नहीं हो सकती। यही अंतर है दोनों में। रूढ़ि स्थिर है, परंपरा निरंतर गतिशील। एक निरंतर बहता निर्मल प्रवाह, जो हर सड़ी-गली रूढ़ि को किनारे फेंकता और हर भीतरी-बाहरी, देशी-विदेशी उपयोगी मूल्य को अपने में समेटता चलता है। इसीलिए मैंने पहले कहा है कि अपने टूटे-फूटे मूल्यों को भरसक जोड़कर खड़ा करने से कोई लाभ नहीं, आज नहीं तो कल, वे जर्जर मूल्य भरहराकर गिरेंगे ही। |
(१) कारण लिखिए: (२)
- बदले वक्त के साथ नए मूल्यों को पहचानकर हमें अपनाना है
- अपने टूटे-फूटे मूल्यों को भरसक जोड़कर खड़ा करने से कोई नहीं है
(२) उपर्युक्त गद्यांश में प्रयुक्त शब्द-युग्म ढूँढ़कर लिखिए: (२)
(१) | |
(२) | |
(३) | |
(४) |
(३) ‘बदलते समय के साथ हमारे मूल्यों में भी परिवर्तन आवश्यक है’ इस विषय पर अपना मत ४० से ५० शब्दों में स्पष्ट कीजिए। (२)
Concept: सुनो किशोरी
निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:
सुनो सुगंधा! तुम्हारा पत्र पाकर खुशी हुई। तुमने दोतरफा अधिकार की बात उठाई है, वह पसंद आई। बेशक, जहाँ जिस बात से तुम्हारी असहमति हो; वहाँ तुम्हें अपनी बात मुझे समझाने का पूरा अधिकार है। मुझे खुशी ही होगी तुम्हारे इस अधिकार प्रयोग पर। इससे राह खुलेगी और खुलती ही जाएगी। जहाँ कहीं कुछ रुकती दिखाई देगी; वहाँ भी परस्पर आदान-प्रदान से राह निकाल ली जाएगी। अपनी-अपनी बात कहने-सुनने में बंधन या संकोच कैसा? मैंने तो अधिकार की बात यों पूछी थी कि मैं उस बेटी की माँ हूँ जो जीवन में ऊँचा उठने के लिए बड़े ऊँचे सपने देखा करती है; आकाश में अपने छोटे-छोटे डैनों को चौड़े फैलाकर। धरती से बहुत ऊँचाई में फैले इन डैनों को यथार्थ से दूर समझकर भी मैं काटना नहीं चाहती। केवल उनकी डोर मजबूत करना चाहती हूँ कि अपनी किसी ऊँची उड़ान में वे लड़खड़ा न जाएँ। इसलिए कहना चाहती हूँ कि ‘उड़ो बेटी, उड़ो, पर धरती पर निगाह रखकर।’ कहीं ऐसा न हो कि धरती से जुड़ी डोर कट जाए और किसी अनजाने-अवांछित स्थल पर गिरकर डैने क्षत-विक्षत हो जाएँ। ऐसा नहीं होगा क्योंकि तुम एक समझदार लड़की हो। फिर भी सावधानी तो अपेक्षित है ही। यह सावधानी का ही संकेत है कि निगाह धरती पर रखकर उड़ान भरी जाए। उस धरती पर जो तुम्हारा आधार है- उसमें तुम्हारे परिवेश का, तुम्हारे संस्कार का, तुम्हारी सांस्कृतिक परंपरा का, तुम्हारी सामर्थ्य का भी आधार जुड़ा होना चाहिए। हमें पुरानी-जर्जर रूढ़ियों को तोड़ना है, अच्छी परंपराओं को नहीं। |
(१) आकृति पूर्ण कीजिए: (२)
(२) निम्नलिखित शब्दों के लिए गद्यांश में आए हुए समानार्थी शब्द ढूँढ़कर लिखिए: (२)
- आनंद -
- नभ -
- पुत्री -
- सजगता -
(३) ‘वर्तमान पीढ़ी के युवक-युवतियों का जीवन के प्रति बदला दृष्टिकोण’ इस विषय पर अपने विचार ४० से ३० शब्दों में स्पष्ट लिखिए। (२)
Concept: सुनो किशोरी
निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:
गजलों से खुशबू बिखराना हमको आता है। परिंदों को शिकायत है, कभी तो सुन मेरे मालिक। हम जिंदगी के चंद सवालों में खो गए। चट्टानी रातों को जुगनू से वह सँवारा करती है। |
(१) कृति पूर्ण कीजिए: (२)
(१) उत्तर लिखिए: (१)
- परिंदों को यह शिकायत है:
(२) परिणाम लिखिए: (१)
- हम जिंदगी के चंद सवालों में खो गए:
(२) उपर्युक्त पद्यांश में आए हुए हिंदी शब्दों के उर्दू शब्द लिखिए: (२)
- पक्षी - ______
- सपना - ______
- प्रश्न - ______
- उत्तर - ______
(३) ‘व्यक्ति को अपने जीवन में हमेशा कर्मरत रहना चाहिए’ इस कथन के संबंध में अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए। (२)
Concept: चुनिंदा शेर