मराठी
महाराष्ट्र राज्य शिक्षण मंडळएचएससी वाणिज्य (इंग्रजी माध्यम) इयत्ता १२ वी

दोहा छंद की विशेषताएँ बताइए। - Hindi

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

दोहा छंद की विशेषताएँ बताइए।

टीपा लिहा

उत्तर

दोहा अद्‌र्धसम मात्रिक छंद है। इसके चार चरण होते हैं। दोहे के प्रथम और तृतीय (विषम) चरण में १३ - १३ मात्राएँ होती हैं तथा द्वितीय और चतुर्थ (सम) चरणों में ११ - ११ मात्राएँ होती हैं। दोहे के प्रत्येक चरण के अंत में लघु वर्ण आता है।
जैसे – 

`\underset{(१) १३  "मात्रा"){"सरसुति के भंडार की,"} \underset{(२) ११  "मात्रा"){  "बड़ी अपूरब बात।"}`

`\underset{(३) १३  "मात्रा"){"ज्यौं खरचै त्यौं-त्यौं बढ़ै,"} \underset{(४) ११  "मात्रा"){  "बिन खरचे घटि जात।"}`

shaalaa.com
वृंद के दोहे
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 5.2: वृंद के दोहे - स्वाध्याय [पृष्ठ ३०]

APPEARS IN

बालभारती Hindi - Yuvakbharati 12 Standard HSC Maharashtra State Board
पाठ 5.2 वृंद के दोहे
स्वाध्याय | Q ५. (अ) | पृष्ठ ३०

संबंधित प्रश्‍न

कारण लिखिए:

सरस्वती के भंडार को अपूर्व कहा गया है:-


कारण लिखिए :
व्यापार में दूसरी बार छल-कपट करना असंभव होता है :-


सहसंबंध जोड़िए:-


‘चादर देखकर पैर फैलाना बुद्‌धिमानी कहलाती है’, इस विषय पर अपने विचार व्यक्त कीजिए ।


'ज्ञान की पूँजी बनाना चाहिए', इस विषय पर अपने विचार लिखिए।


जीवन के अनुभवों और वास्तविकता से परिचित कराने वाले वृंद जी के दोहों का रसास्वादन कीजिए।


निम्नलिखित प्रश्‍न का केवल एक वाक्य में उत्तर लिखिए:

वृंद जी की प्रमुख रचनाएँ लिखिए।


निम्नलिखित पठित काव्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

सरसुति के भंडार की, बड़ी अपूरब बात।
ज्यौं खरचै त्यौं-त्यौं बढ़ै, बिन खरचे घटि जात।।

नैना देत बताय सब, हिय को हेत-अहेत।
जैसे निरमल आरसी, भली बुरी कहि देत।।

अपनी पहुँच बिचारि कै, करतब करिए दौर।
तेते पाँव पसारिए, जेती लाँबी सौर।।

फेर न ह्‌वै हैं कपट सों, जो कीजै ब्यौपार।
जैसे हाँड़ी काठ की, चढ़ै न दूजी बार।।

ऊँचे बैठे ना लहैं, गुन बिन बड़पन कोइ।
बैठो देवल सिखर पर, वायस गरुड़ न होइ।।

उद्यम कबहुँ न छाँड़िए, पर आसा के मोद।
गागरि कैसे फोरिए, उनयो देखि पयोद।।

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए:  (2)

  1. उपर्युक्त पद्यांश में आँखों कीं तुलना किससे की गई ?
  2. काम शुरू करने से पहले किस बारे में सोचना बहुत जरूरी होता है ?
  3. सरस्वती का भंडार अपूर्व क्यों है?
  4. दूसरे की आशा के भरोसे कया बंद नहीं करना चाहिए?

2. निम्नलिखित शब्दों के लिंग पहचानकर लिखिए:   (2)

  1. सौर - ______
  2. नैना - ______
  3. पाँव - ______
  4. काठ - ______

3. चादर देखकर पैर फैलाना बुद्धिमानी कहलाती हैं। इस विचार पर अपना मत 40 से 50 शब्दों में व्यक्त कीजिए:   (2)


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×