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Chapters
2: संविधान निर्माण
3: चुनावी राजनीति
▶ 4: संस्थाओं का कामकाज
5: लोकतांत्रिक अधिकार
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Solutions for Chapter 4: संस्थाओं का कामकाज
Below listed, you can find solutions for Chapter 4 of CBSE NCERT for Social Science (Political Science) - Democratic Politics 1 [Hindi] Class 9.
NCERT solutions for Social Science (Political Science) - Democratic Politics 1 [Hindi] Class 9 4 संस्थाओं का कामकाज प्रश्नावली [Pages 77 - 79]
अगर आपको भारत का राष्ट्रपति चुना जाए तो आप निम्नलिखित में से कौन-सा फ़ैसला खुद कर सकते हैं?
अपनी पसंद के व्यक्ति को प्रधानमंत्री चुन सकते हैं।
लोकसभा में बहुमत वाले प्रधानमंत्री को उसके पद से हटा सकते हैं।
दोनों सदनों द्वारा पारित विधेयक पर पुनर्विचार के लिए कह सकते हैं।
मंत्रीपरिषद् में अपनी पसंद के नेताओं का चयन कर सकते हैं।
निम्नलिखित में कौन राजनैतिक कार्यपालिका का हिस्सा होता है?
जिलाधीश
गृह मंत्रालय का सचिव
गृह मंत्री
पुलिस महानिदेशक
न्यायपालिका के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा बयान गलत है?
संसद द्वारा पारित प्रत्येक कानून को सर्वोच्च न्यायालय की मंजूरी की ज़रूरत होती है।
अगर कोई कानून संविधान की भावना के खिलाफ़ है तो न्यायपालिका उसे अमान्य घोषित कर सकती है।
न्यायपालिका कार्यपालिका से स्वतंत्र होती है।
अगर किसी नागरिक के अधिकारों का हनन होता है तो वह अदालत में जा सकता है।
निम्नलिखित राजनैतिक संस्थाओं में से कौन-सी संस्था देश के मौजूदा कानून में संशोधन कर सकती है?
सर्वोच्च न्यायालय
राष्ट्रपति
प्रधानमंत्री
संसद
उस मंत्रालय की पहचान करें जिसने निम्नलिखित समाचार जारी किया होगाः
क. | देश से जूट का निर्यात बढ़ाने के लिए एक नई नीति बनाई जा रही है। | 1. | रक्षा मंत्रालय |
ख. | ग्रामीण इलाकों में टेलीफोन सेवाएँ सुलभ करायी जाएँगी। | 2. | कृषि, खाद्यान्न और सार्वजनिक वितरण |
ग. | सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत बिकने वाले चावल और गेहूँ की कीमतें कम की जाएँगी। | 3. | स्वास्थ्य मंत्रालय |
घ. | पल्स पोलियो अभियान शुरू किया जाएगा। | 4. | वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय |
ङ. | ऊँची पहाड़ियों पर तैनात सैनिकों के भत्ते बढ़ाए जाएँगे। | 5. | संचार और सुचना-प्रौद्योगिकी मंत्रालय |
देश की विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका में से उस राजनैतिक संस्था का नाम बताइए जो निम्नलिखित मामलों में अधिकारों का इस्तेमाल करती हैं।
सड़क, सचाई, जैसे बुनियादी ढाँचों के विकास और नागरिकों की विभिन्न कल्याणकारी गतिविधियों पर कितना पैसा खर्च किया जाएगा।
देश की विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका में से उस राजनैतिक संस्था का नाम बताइए जो निम्नलिखित मामलों में अधिकारों का इस्तेमाल करती हैं।
स्टॉक एक्सचेंज को नियमित करने संबंधी कानून बनाने की कमेटी के सुझाव पर विचार-विमर्श करती है।
देश की विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका में से उस राजनैतिक संस्था का नाम बताइए जो निम्नलिखित मामलों में अधिकारों का इस्तेमाल करती हैं।
दो राज्य सरकारों के बीच कानूनी विवाद पर निर्णय लेती है।
देश की विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका में से उस राजनैतिक संस्था का नाम बताइए जो निम्नलिखित मामलों में अधिकारों का इस्तेमाल करती हैं।
भूकंप पीड़ितों की राहत के प्रयासों के बारे में सूचना माँगती है।
भारत का प्रधानमंत्री सीधे जनता द्वारा क्यों नहीं चुना जाता? निम्नलिखित चार जवाबों में सबसे सही को चुनकर अपनी पसंद के पक्ष में कारण दीजिए:
संसदीय लोकतंत्र में लोकसभा में बहुमत वाली पार्टी का नेता ही प्रधानमंत्री बन सकता है।
लोकसभा, प्रधानमंत्री और मंत्रीपरिषद का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही उन्हें हटा सकती है।
चूँकि प्रधानमंत्री को राष्ट्रपति नियुक्त करता है लिहाजा उसे जनता द्वारा चुने जाने की जरूरत नहीं है।
प्रधानमंत्री के सीधे चुनाव में बहुत ज़्यादा खर्च आएगा।
तीन दोस्त एक ऐसी फिल्म देखने गए जिसमें हीरो एक दिन के लिए मुख्यमंत्री बनता है और राज्य में बहुत से बदलाव लाता है। इमरान ने कहा कि देश को इसी चीज़ की ज़रूरत है। रिज़वान ने कहा कि इस तरह का, बिना संस्थाओं वाला एक व्यक्ति का राज खतरनाक है। शंकर ने कहा कि यह तो एक कल्पना है। कोई भी मंत्री एक दिन में कुछ भी नहीं कर सकता। ऐसी फिल्मों के बारे में आपकी क्या राय है?
एक शिक्षिका छात्रों की संसद के आयोजन की तैयारी कर रही थी। उसने दो छात्राओं से अलग-अलग पार्टियों के नेताओं की भूमिका करने को कहा। उसने उन्हें विकल्प भी दिया। यदि वे चाहें तो राज्यसभा में बहुमत प्राप्त दल की नेता हो सकतीं थी और अगर चाहें तो लोकसभा के बहुमत प्राप्त दल की। अगर आपको यह विकल्प दिया जाए तो आप क्या चुनेंगे और क्यों?
आरक्षण पर आदेश का उदाहरण पढ़कर तीन विद्यार्थियों की न्यायपालिका की भूमिका पर अलग-अलग प्रतिक्रिया थी। इनमें से कौन-सी प्रतिक्रिया, न्यायपालिका की भूमिका को सही तरह से समझती है?
आपकी राय में कौन-सा विचार सबसे सही है?
क. श्रीनिवास का तर्क है कि चूँकि सर्वोच्च न्यायालय सरकार के साथ सहमत हो गई है लिहाजा वह स्वतंत्र नहीं है।
ख. अंजैया का कहना है कि न्यायपालिका स्वतंत्र है क्योंकि वह सरकार के आदेश के खिलाफ़ फ़ैसला सुना सकती थी। सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार को उसमें संशोधन का निर्देश दिया।
ग. विजया का मानना है कि न्यायपालिका न तो स्वतंत्र है न ही किसी के अनुसार चलने वाली है। बल्कि वह विरोधी समूहों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाती है। न्यायालय ने इस आदेश के समर्थकों और विरोधियों के बीच बढ़िया संतुलन बनाया।
Solutions for 4: संस्थाओं का कामकाज
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NCERT solutions for Social Science (Political Science) - Democratic Politics 1 [Hindi] Class 9 chapter 4 - संस्थाओं का कामकाज
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