English

1947 से लोग अनेक तरीके से मालामाल हुए किन्तु विमुद्रिकरण होने से उन स्थितियों में बदलाव आया या नहीं? - Hindi (Elective)

Advertisements
Advertisements

Question

1947 से लोग अनेक तरीके से मालामाल हुए किन्तु विमुद्रिकरण होने से उन स्थितियों में बदलाव आया या नहीं?

Answer in Brief

Solution

हां यह बात सही है कि आजादी के बाद से देश में लोग विभिन्न तरीकों से मालामाल हुए। कुछ सही रास्ते से तो कुछ भ्रष्टाचार आदि कर के अमीर हुए।

सरकार का प्रयास था ऐसे मालामाल लोगों पर शिकंजा कसा जाए लेकिन मुझे नहीं लगता कि विमुद्रिकरण होने से स्थितियों में बदलाव आया है।

ऐसा इसलिए क्योंकि आज भी देश में पहले की तरह ही धनकुबेर हैं। विमुद्रीकरण के बाद लगभग सारा पैसा रिजर्व बैंक के पास लौट गया जो दर्शाता है कि विमुद्रिकरण का कोई खास असर नहीं हुआ।

आज भी देश में नकली नोट मिल रहे हैं। लोगों के पास पैसे भरे पड़े हैं तथा कर की चोरी हो रही है।

shaalaa.com
एक कम
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 1.05: विष्णु खरे (एक कम, सत्य) - प्रश्न-अभ्यास [Page 33]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Antara Class 12
Chapter 1.05 विष्णु खरे (एक कम, सत्य)
प्रश्न-अभ्यास | Q 3. | Page 33

RELATED QUESTIONS

कवि ने लोगों के आत्मनिर्भर, मालामाल और गतिशील होने के लिए किन तरीकों की ओर संकेत किया है? अपने शब्दों में लिखिए।


हाथ फैलाने वाले व्यक्ति को कवि ने ईमानदार क्यों कहा है? स्पष्ट कीजिए।


'मैं तुम्हारा विरोधी प्रतिद्वंद्वी या हिस्सेदार नहीं' से कवि का क्या अभिप्राय है?


भाव सौंदर्य स्पष्ट कीजिए -
1947 के बाद से ........... गतिशील होते देखा है


भाव सौंदर्य स्पष्ट कीजिए -

मानता हुआ कि हाँ मैं लाचार हूँ ........... एक मामूली धोखेबाज़


भाव सौंदर्य स्पष्ट कीजिए -
तुम्हारे सामने बिलकुल ............ लिया है हर होड़ से


शिल्प-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए -
कि अब जब कोई ............. या बच्चा खड़ा है।


शिल्प-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए -

मैं तुम्हारा विरोधी प्रतिद्वंद्वी ............... निश्चिंत रह सकते हैं।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×