English

आज फिर उसे साक्षात्कार के लिए जाना है। अब तक देशप्रेम, नैतिकता, शिष्टाचार, ईमानदारी पर अपने तर्कपूर्ण विचार बड़े विश्वास से रखता आया था लेकिन इसके बावजूद उसके हिस्से में सिर्फ - Hindi (Second/Third Language) [हिंदी (दूसरी/तीसरी भाषा)]

Advertisements
Advertisements

Question

निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

आज फिर उसे साक्षात्कार के लिए जाना है। अब तक देशप्रेम, नैतिकता, शिष्टाचार, ईमानदारी पर अपने तर्कपूर्ण विचार बड़े विश्वास से रखता आया था लेकिन इसके बावजूद उसके हिस्से में सिर्फ असफलता ही आई थी।

साक्षात्कार के लिए उपस्थित प्रतिनिधि मंडल में से एक अधिकारी ने पूछा- "भ्रष्टाचार के बारे में आपकी क्या राय है?"

"भ्रष्टाचार एक ऐसा कीड़ा है जो देश को धुन की तरह खा रहा है। इसने सारी सामाजिक व्यवस्था को चिंताजनक स्थिति में पहुँचा दिया है। सच कहा जाए तो यह देश के लिए कलंक है.......।" अधिकारियों के चेहरे पर हलकी सी मुसकान और उत्सुकता छा गई। उसके तर्क में उन्हें रुचि महसूस होने लगी। दूसरे अधिकारी ने प्रश्न किया- "रिश्वत को आप क्या मानते हैं?"

"यह भ्रष्टाचार की बहन है जैसे विशेष अवसरों पर हम अपने प्रियजनों, परिचितों, मित्रों को उपहार देते हैं।"

  1. कृति पूर्ण कीजिए:   [2]

  2. "भ्रष्टाचार एक कलंक" विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए।   [2]
Comprehension

Solution

  1. भ्रष्टाचार समाज के लिए एक गंभीर कलंक है, जो नैतिक मूल्यों, ईमानदारी और पारदर्शिता को नष्ट करता है। यह विकास में बाधा डालता है और आर्थिक असमानता को बढ़ावा देता है। भ्रष्टाचार के कारण आम जनता को उनके अधिकारों से वंचित होना पड़ता है। इसके उन्मूलन के लिए कड़े कानून, जागरूकता और नैतिक शिक्षा अनिवार्य हैं।
shaalaa.com
  Is there an error in this question or solution?
2024-2025 (March) Official
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×