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Question
आज वाणी और प्रसाद जैसे कई बच्चों ने अपने परिवारों से यह सुंदर कला सीख ली है। क्या बड़े होकर ये भी अपने बच्चों को इस कला के हुनर सिखा पाएँगे?
Solution
हाँ, वे अपने बच्चों को अपने परिवार के सदस्यों से सीखे गए सुंदर कला के हुनर को सिखाएँगे।
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क्या तुमने कभी किसी को करघे पर कुछ बुनते देखा है? क्या और कहाँ?
साड़ी के धागों को रंगा जाता है। क्या तुम किसी और चीज़ के बारे में जानते हो, जिसको रंगा जाता है?
वाणी और प्रसाद के गाँव में जाओ तो लगता है कि जैसे पूरा गाँव साड़ियाँ ही बना रहा है। क्या तुम कोई ऐसा काम जानते हो, जो एक ही जगह के बहुत सारे लोग करते हैं?
- क्या वे कोई चीज़ तैयार करते हैं?
- उस को तैयार करने का तरीका पता करो।
- उस चीज़ को बनाने के लिए क्या आदमी और औरतें अलग-अलग तरह के काम करते हैं?
- क्या उस चीज़ को बनाने में बच्चे भी मदद करते हैं?
किसी लुहार, बढ़ई या कुम्हार से बातचीत करो और उनके काम के बारे में पता लगाओ।
- उन्होंने अपना काम कहाँ से सीखा?
- उनको काम में क्या-क्या चीज़ें सीखनी पड़ती हैं?
- क्या उन्होंने अपना काम अपने परिवार में किसी और को भी सिखाया है?
नीचे तालिका में कुछ कामों की सूची दी गई है। क्या तुम ऐसे लोगों को जानते हो, जो ये काम जानते हैं? उन लोगों के नाम लिखो। पता करो कि उन्होंने ये काम किस से सीखे।
काम | उनके नाम, जो यह काम करते हैं | उन्होंने यह काम कहाँ से सीखा |
कपड़े की बुनाई करना | वाणी, प्रसाद के अम्मा-अप्पा | अपने परिवार से |
खाना पकाना | ||
साइकिल रिपेयर करना | ||
हवाई जहाज़ उड़ाना | ||
सिलाई-कढ़ाई करना | ||
गाना गाना | ||
जूते बनाना | ||
पतंग उड़ाना | ||
खेती करना | ||
बाल काटना |