English

आलोक मानता है कि किसी देश को कारगर सरकार की जरूरत होती है जो जनता की भलाई करे। अतः यदि हम सीधे-सीधे अपना प्रधानमंत्री और मंत्रिगण चुन लें - Political Science (राजनीति विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

Question

आलोक मानता है कि किसी देश को कारगर सरकार की जरूरत होती है जो जनता की भलाई करे। अतः यदि हम सीधे-सीधे अपना प्रधानमंत्री और मंत्रिगण चुन लें और शासन का काम उन पर छोड़ दें, तो हमें विधायिका की जरूरत नहीं पड़ेगी। क्या आप इससे सहमत हैं? अपने उत्तर का कारण बताएँ।

Answer in Brief

Solution

  1. मैं आलोक की इस बात से सहमत नहीं हूं क्योंकि सरकार का सारा काम प्रधानमंत्री और मंत्रियों पर छोड़ देने से लोकतंत्र का सार बाधित हो जाएगा।
  2. इस तरह की व्यवस्था से सरकार में लोगों का प्रतिनिधित्व कम हो जाएगा। विधायिका के सदस्य जो बहुमत का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं, उन्हें अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिलेगा।
  3. कैबिनेट द्वारा लिए गए निर्णय जवाबदेह नहीं होंगे क्योंकि मंत्रियों को उन्हें विधायिका को समझाने की आवश्यकता नहीं होगी। इस प्रकार, कार्यपालिका सर्वशक्तिमान हो जाएगी।
  4. विधायिका के कार्य में कानून बनाना भी शामिल है। यह एक जटिल प्रक्रिया है जिसमें समाज के सभी वर्गों की राय की आवश्यकता होती है। इसके लिए एक विधायिका की आवश्यकता होती है।
shaalaa.com
संसद क्या करती है ?
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 5: विधायिका - प्रश्नावली [Page 122]

APPEARS IN

NCERT Political Science [Hindi] Class 11
Chapter 5 विधायिका
प्रश्नावली | Q 1. | Page 122
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×