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Question
आपदाओं की घटना के पश्चात जिला आपदा- नियंत्रण केंद्र की भूमिका स्पष्ट कीजिए।
Solution
- आपदाओं के आघात के पश्चात अथवा आपदा की पूर्व सूचना मिलने के पश्चात ही जिला आपदा नियंत्रण केंद्र की स्थापना की जाती है।
- इस केंद्र के द्वारा आपदा के बारे में विविध प्रकार के अनुमान और जानकारी जुटाई जाती है।
- आपदा नियंत्रण केंद्र अतिरिक्त मदद और निरंतर जाँच करने के लिए केंद्र तथा राज्य के विभिन्न घटकों जैसे सेना, वायुसेना, नौसेना, दूरसंचार, यातायात, पैरामिलीटरी फोर्स इत्यादि से निरंतर संपर्क में रहते हैं।
- आपदा नियंत्रण केंद्र जिले के स्वयंसेवी संगठनों को एकत्रित करके आपदा निवारण कार्यों में उनका उपयोग करते हैं।
आपदा से निपटने के लिए विभिन्न कार्यों में इन संगठनों की सहायता ली जाती है। आपदा नियंत्रण केंद्र आपदा संबंधित विभिन्न सूचनाओं को घोषित करने तथा उनका उपयोग करने की जिम्मेदारियों का निर्वहन करता है।
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आपदा- प्रबंधन प्राधिकरण
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आपदा- प्रबंधन कानून, 2005
आपदा- प्रबंधन प्राधिकरण संरचनानुसार आपके विद्यालय के संदर्भ में संरचना तैयार कीजिए।
नीचे दिए गए विकल्पों में से उचित शब्द चुनकर परिच्छेद पूर्ण कीजिए:
(दिल्ली, 12, 2005, सैन्य दल, राष्ट्रीय आपदा, निवारण, राज्य आरक्षित दल, 2015)
राष्ट्रीय आपदा प्रतिसाद दल की स्थापना आपदा प्रबंधन कानून, ______ के अनुसार हुई है। इस दल के विभाग सैन्य दल में कार्यरत हैं। संपूर्ण देश में ______ विभाग कार्यरत हैं। इनका मुख्य कार्यालय ______ में स्थित होकर हर राज्य में ______ के माध्यम से कार्यरत है। महाराष्ट्र में केंद्रीय आरक्षित दल के माध्यम से ______ प्रतिसाद दल का कार्य शुरू है। इस दल के जवानों ने देश में आने वाले तूफान, कगार ढहना, इमारत गिरना जैसी अनेक आपदाओं का ______ और रक्षा करने का बड़ा कार्य किया है।