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आवर्त सारणी में मैग्नीशियम का औसत परमाणु द्रव्यमान 24.312u दिया गया है। यह औसत मान, पृथ्वी पर इसके समस्थानिकों की सापेक्ष बहुलता के आधार पर दिया गया है। - Physics (भौतिक विज्ञान)

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Question

आवर्त सारणी में मैग्नीशियम का औसत परमाणु द्रव्यमान 24.312u दिया गया है। यह औसत मान, पृथ्वी पर इसके समस्थानिकों की सापेक्ष बहुलता के आधार पर दिया गया है। मैग्नीशियम के तीनों समस्थानिक तथा उनके द्रव्यमान इस प्रकार हैं

\[\ce{_{12}^{24}{Mg}}\] (28.98504 u), \[\ce{_{12}^{25}{Mg}}\] (24.98584) एवं \[\ce{_{12}^{26}{Mg}}\] (25.98259 u)। प्रकृति में प्राप्त मैग्नीशियम में \[\ce{_{12}^{24}{Mg}}\] की (द्रव्यमान के अनुसार) बहुलता 78.99% है। अन्य दोनों समस्थानिकों की बहुलता का परिकलन कीजिए।

Numerical

Solution

दिया है, मैग्नीशियम का औसत परमाणु द्रव्यमान = 24.312 u
\[\ce{_{12}^{24}{Mg}}\] समस्थानिक की बहुलता = 78.99%

माना समस्थानिक \[\ce{_{12}^{25}{Mg}}\] की बहुलता a % है।
\[\ce{_{12}^{26}{Mg}}\] समस्थानिक की बहुलता = 100 - 78.99 - a

= (21.01 - a) %

क्रमांक समस्थानिक परमाणु द्रव्यमान बहुलता % (x)
1 \[\ce{_{12}^{24}{Mg}}\] 23.98504 78.99
2 \[\ce{_{12}^{25}{Mg}}\] 24.98584 a
3 \[\ce{_{12}^{26}{Mg}}\] 25.98259 21.01 - a

∴ औसत परमाणु द्रव्यमान = `(sum xy)/(sum x)`

`=> 24.312 = (23.98504 xx 78.99 + 24.98584 xx "a" + 25.98259(21.01 - "a"))/(78.99 + "a" + (21.01 - "a"))`

`= (1894.58 + 24.98584"a" + 545.894 - 25.98259"a")/100`

⇒ 2431.2 = 2440.474 - 0.99675a

⇒ 0.99675 a = 2440.474 - 2431.2

`therefore "a" = 9.274/0.99675` = 9.30

तथा 21.01 - a = 21.01 - 9.30 = 11.70

अतः \[\ce{_{12}^{25}{Mg}}\] की बहुलता 9.30% तथा \[\ce{_{12}^{26}{Mg}}\] की बहुलता 11.70% है।

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परमाणु द्रव्यमान एवं नाभिक की संरचना
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Chapter 13: नाभिक - अभ्यास [Page 466]

APPEARS IN

NCERT Physics [Hindi] Class 12
Chapter 13 नाभिक
अभ्यास | Q 13.23 | Page 466

RELATED QUESTIONS

नियॉन के तीन स्थायी समस्थानिकों की बहुलता क्रमशः 90.51%, 0.27% एवं 9.22% है। इन समस्थानिकों के परमाणु द्रव्यमान क्रमशः 19.99u, 20.99u एवं 21.99u हैं। नियॉन का औसत परमाणु द्रव्यमान ज्ञात कीजिए।


एक दिए गए सिक्के का द्रव्यमान 3.0 g है। उस ऊर्जा की गणना कीजिए जो इस सिक्के के सभी न्यूट्रॉनों एव प्रोटॉनों को एक-दूसरे से अलग करने के लिए आवश्यक हो। सरलता के लिए मान लीजिए कि सिक्का पूर्णतः \[\ce{_29^63Cu}\] परमाणुओं का बना है। (\[\ce{_29^63Cu}\] का द्रव्यमान = 82,92960 u)।


निम्नलिखित के लिए नाभिकीय समीकरण लिखिए

  1. \[\ce{_88^226Ra}\] का α- क्षय
  2. \[\ce{_94^242Pu}\] का α- क्षय
  3. \[\ce{_15^32 P}\] P का β - क्षय
  4. \[\ce{_210^83Bi}\] का β - क्षय
  5. \[\ce{_6^11C}\] का β+ - क्षय
  6. \[\ce{_43^97Tc}\] Tc का β+ - क्षय
  7. \[\ce{_54^120Xe}\] का इलेक्ट्रॉन अभिग्रहण

जीवित कार्बनयुक्त द्रव्य की सामान्य ऐक्टिवता, प्रति ग्राम कार्बन के लिए 15 क्षय प्रति मिनट है। यह ऐक्टिवता, स्थायी समस्थानिक \[\ce{_{ 6 }^{ 14 }{ C }}\] के साथ-साथ अल्प मात्रा में विद्यमान रेडियोऐक्टिव \[\ce{_{6}^{12}{C}}\] के कारण होती है। जीव की मृत्यु होने पर वायुमण्डल के साथ इसकी अन्योन्य क्रिया (जो उपर्युक्त सन्तुलित ऐक्टिवता को बनाए रखती है) समाप्त हो जाती है तथा इसकी ऐक्टिवता कम होनी शुरू हो जाती है।\[\ce{_{ 6 }^{ 14 }{ C }}\] की ज्ञात अर्धायु (5730 वर्ष) और नमूने की मापी गई ऐक्टिवता के आधार पर इसकी सन्निकट आयु की गणना की जा सकती है। यही पुरातत्व विज्ञान में प्रयुक्त होने वाली \[\ce{_{ 6 }^{ 14 }{ C }}\] कालनिर्धारण (dating) पद्धति का सिद्धान्त है। यह मानकर कि मोहनजोदड़ो से प्राप्त किसी नमूने की ऐक्टिवता 9 क्षय प्रति मिनट प्रति ग्राम कार्बन है। सिन्धु घाटी सभ्यता की सन्निकट आयु का आकलन कीजिए।


न्यूट्रॉन पृथक्करण ऊर्जा (Separation energy), परिभाषा के अनुसार वह ऊर्जा है, जो किसी नाभिक से एक न्यूट्रॉन को निकालने के लिए आवश्यक होती है। नीचे दिए गए आँकड़ों का इस्तेमाल करके \[\ce{_{20}^{41}{Ca}}\] एवं \[\ce{_{13}^{27}{Al}}\] नाभिकों की न्यूट्रॉन पृथक्करण ऊर्जा ज्ञात कीजिए।

`"m"(""_20^40"Ca")` = 39.962591 u

`"m"(""_20^41"Ca")` = 40.962278 u

`"m"(""_13^26"Al")` = 25.986895 u

`"m"(""_13^27"Al")` = 26.981541 u


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