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अब मालवा में वैसा पानी नहीं गिरता जैसा गिरा करता था। उसके क्या कारण हैं? - Hindi (Elective)

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Question

अब मालवा में वैसा पानी नहीं गिरता जैसा गिरा करता था। उसके क्या कारण हैं?

Answer in Brief

Solution

इस बात के बहुत से कारण हैं-

  1. औद्योगिकरण ने पर्यावरण को नुकसान पहुँचाया है। इसके कारण पर्यावरण में भयंकर बदलाव देखने को मिले हैं। इसने जल, थल तथा भूमि प्रदूषण को बढ़ावा दिया है।
  2. वायुमण्डल में कार्बन डाईऑक्साइड गैस की अधिकता के कारण भी मौसम पर प्रभाव पड़ रहा है। यह गर्म होती है, जिसके कारण वायुमण्डल और ओजन परत को नुकसान पहुँच रहा है।
  3. पेड़ों की अत्यधिक कटाई के कारण भी मालवा धरती उज़डने लगी है।
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अपना मालवा-खाऊ-उजाड़ू सभ्यता में
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Chapter 4: अपना मालवा-खाऊ-उजाड़ू सभ्यता में - प्रश्न-अभ्यास [Page 47]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Antaraal Class 12
Chapter 4 अपना मालवा-खाऊ-उजाड़ू सभ्यता में
प्रश्न-अभ्यास | Q 2. | Page 47

RELATED QUESTIONS

मालवा में जब सब जगह बरसात की झड़ी लगी रहती है तब मालवा के जनजीवन पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है?


हमारे आज के इंजीनियर ऐसा क्यों समझते हैं कि वे पानी का प्रबंध जानते है और पहले ज़माने के लोग कुछ नहीं जानते थे?


'मालवा में विक्रमादित्य, भोज और मुंज रिनेसा के बहुत पहले हो गए।' पानी के रखरखाव के लिए उन्होंने क्या प्रबंध किए?


'हमारी आज की सभ्यता इन नदियों को अपने गंदे पानी के नाले बना रही है।'- क्यों और कैसे?


लेखक को क्यों लगता है कि 'हम जिसे विकास की औद्योगिक सभ्यता कहते हैं वह उजाड़ की अपसभ्यता है'? आप क्या मानते हैं?


धरती का वातावरण गरम क्यों हो रहा है? इसमें यूरोप और अमेरिका की क्या भूमिका है? टिप्पणी कीजिए।


क्या आपको भी पर्यावरण की चिंता है? अगर है तो किस प्रकार? अपने शब्दों में लिखिए।


विकास की औद्योगिक सभ्यता उजाड़ की अपसभ्यता है। खाऊ-उजाड़ू सभ्यता के संदर्भ में हो रहे पर्यावरण के विनाश पर प्रकाश डालिए।


पर्यावरण को विनाश से बचाने के लिए आप क्या कर सकते हैं? उसे कैसे बचाया जा सकता है? अपने विचार लिखिए।


'छप्पन के काल ने देशभर में हाय-हाय मचाई हो लेकिन मालवा में लोग न प्यासे मरे न भूखे क्योंकि उसके पहले के साल खूब पानी था और बाद के साल में भी अपने नदी, नाले, तालाब सँभाल के रखो तो दुष्काल का साल मजे में निकल जाता है। लेकिन हम जिसे विकास की औद्योगिक सभ्यता कहते हैं वह उजाड़ की अपसभ्यता है।'

लेखक को क्यों लगता है कि हम जिसे विकास की औद्योगिक सभ्यता कहते हैं वह उजाड़ की अपसभ्यता है। आप क्या मानते हैं? कथन के आलोक में अपने विचार व्यक्त कीजिए।


विकास की औद्योगिक सभ्यता उजाड़ की अपसभ्यता बन गई है। इसका कारण है -


धरती का वातावरण गरम हो रहा है। कारण बताते हुए निवारण के उपाय भी बताइए।


विकास की औद्योगिक सभ्यता, उजाड़ की अपसभ्यता है क्योंकि ______।


'पग-पग पर नीर वाला मालवा नीर विहीन हो गया' से तात्पर्य है -


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