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अधिगम की प्रमुख विशेषताएँ क्या हैं? - Psychology (मनोविज्ञान)

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Question

अधिगम की प्रमुख विशेषताएँ क्या हैं?

Long Answer

Solution

अधिगम की प्रक्रिया की अपनी कुछ विशिष्ट विशेषताएँ हैं।

  1. अनुभव का पाया जाना -
    पहली विशेषता यह है कि अधिगम में सदैव किसी न किसी तरह का अनुभव सम्मिलित रहता है। हम एक घटना को बहुत बार एक निश्चित क्रम में घटित होते हुए अनुभव करते हैं।
    हम जान जाते हैं कि अमुक घटना के तुरंत बाद दूसरी निश्चित घटनाएँ होगीं। जैसे छात्रावास में सूर्यास्त के बाद घंटी बजने से छात्र समझ जाते हैं कि अब भोजनालय में रात का खाना तैयार हो गया है। किसी चीज को एक विशेष तरीके से करने के बाद बार - बार प्राप्त संतुष्टि का अनुभव हमें उसको उसी प्रकार करने की आदत डाल देता है। कभी -कभी केवल एक बार किया गया अनुभव भी अधिगम के लिए पर्याप्त होता है। दियासलाई जलाते समय अगर तीली रगड़ते ही किसी बच्चे की अंगुली जल जाती है तो ऐसे ही एक बार के अनुभव से वह भविष्य में दियासलाई का उपयोग करते समय सावधान होना सीख लेता।
  2. व्यवहार में स्थायी परिवर्तन -
    अधिगम के कारण व्यवहार में होने वाले परिवर्तन अपेक्षाकृत स्थायी होते हैं। इन्हें व्यवहार में होने वाले उन परिवर्तनों से अलग पहचाना जाना चाहिए जो न तो स्थायी होते हैं और न ही सीखे गए होते हैं। जैसे थकान, औषधि, आदत आदि के कारण भी बहुधा व्यवहार में परिवर्तन होते हैं। माना लीजिए, आप मनोविज्ञान की पाठ्यपुस्तक कुछ समय से पढ़ रहे हैं या मोटरकार चलाना सीख रहे हैं तो एक समय आता है जब आप थकान महसूस करते हैं। ऐसी स्थिति में आप पढ़ना या कार चलाना छोड़ देते हैं। व्यवहार में यह अस्थायी परिवर्तन थकान के कारण उत्पन्न हुआ है। इसे अधिगम नहीं माना जाता है। आपने देखा होगा कि अनेक प्रकार के मादक-द्रव्यों के सेवन के परिणामस्वरूप व्यक्ति की दैहिक क्रियाएँ प्रभावित हो जाती हैं, जिनसे व्यवहार में परिवर्तन उत्पन्न हो जाता है। ये परिवर्तन अस्थायी होते हैं और मादक द्रव्यों का प्रभाव समाप्त होने पर परिवर्तन भी समाप्त हो जाते हैं।
  3. घटनाओं का क्रम निहित होना - 
    अधिगम में मनोवैज्ञानिक घटनाओं का एक क्रम निहित होता है। यदि हम एक विशिष्ट अधिगम प्रयोग का वर्णन करें तो यह स्पष्ट हो जाएगा। मान लीजिए कि मनोवैज्ञानिकों की रुचि इस बात के समझने में है कि शब्दों की एक सूची कैसे सीखी जाती है, तो वे निम्नलिखित अनुक्रमों का अनुपालन करेंगे :
    1. पूर्व-परीक्षण करना कि कोई व्यक्ति अधिगम के पहले कितना जानता है;
    2. निर्धारित समय में स्मरण करने के लिए शब्दों की सूची प्रस्तुत करना,
    3. इस समय के दौरान नूतन ज्ञान करने के लिए व्यक्ति के द्वारा शब्दों की सूची का प्रक्रमण करना;
    4. प्रक्रमण के पूर्ण होने के उपरांत नूतन ज्ञान अर्जित होना (जो अधिगम होगा), तथा
    5. कुछ समय व्यतीत हो जाने के उपरांत व्यक्ति के द्वारा प्रक्रमित सूचना का पुनः स्मरण करना। एक व्यक्ति पूर्व-परीक्षण के समय जितने शब्द जानता था, उसकी अपेक्षा अब जितने जानता है; दोनों में तुलना करके कोई भी यह अनुमान लगा सकता है कि अधिगम हुआ है।

इस प्रकार अधिगम एक अनुमानित प्रक्रिया है और निष्पादन से भिन्न है। निष्पादन व्यक्ति का प्रेक्षित व्यवहार या अनुक्रिया या क्रिया है। आइए, हम अनुमान पद को समझने की चेष्टा करें। मान लीजिए की आपके अध्यापक आपको एक कविता को याद करने के लिए कहते हैं। आप उस कविता को कई बार पढ़ते हैं। तब आप कहते है कि आपने वह कविता सीख ली है। आपसे कविता का पाठ करने के लिए कहा जाता है और आप कविता को सुना देते हैं। आपके द्वारा कविता का पाठ करना ही आपका निष्पादन है। आपके निष्पादन के आधार पर अध्यापन यह अनुमान लगाते हैं कि आपने कविता सीख ली है।

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अधिगम का स्वरुप
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Chapter 6: अधिगम - समीक्षात्मक प्रश्न [Page 135]

APPEARS IN

NCERT Psychology [Hindi] Class 11
Chapter 6 अधिगम
समीक्षात्मक प्रश्न | Q 1. (b) | Page 135
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