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Question
अगर चित्रों में जान आ जाए तो.....
Long Answer
Solution
यदि चित्रों में प्राण आ जाएँ, तो हमारी दुनिया रोचक और अद्भुत बन जाएगी। आइए इस विषय पर विचार करें और कल्पना करें:
- चित्र बोलने लगेंगे: यदि हमारे बनाए चित्र जीवित हो जाएँ, तो वे हमारे साथ संवाद कर सकते हैं। कल्पना करें, आपकी बनाई कोई पेंटिंग आपसे पूछे: "तुमने मुझे इन रंगों में क्यों ढाला?" चित्र अपने भीतर छिपी कहानियाँ स्वयं प्रकट करने लगेंगे।
- चित्रों की घटनाएँ सजीव हो जाएँगी: यदि कोई दृश्य चित्र जीवन पा ले, तो उसमें मौजूद पात्र चलने-फिरने और बातें करने लगेंगे। यदि कोई ऐतिहासिक चित्र सजीव हो जाए, तो हम इतिहास को अपनी आँखों के सामने देख सकेंगे।
- चित्र हमारी दुनिया में आ सकते हैं: यदि हमारे द्वारा बनाए गए परी और सुपरहीरो के चित्र जीवंत हो जाएँ, तो वे हमारी सहायता कर सकते हैं। यदि कोई भयावह चित्र जीवन पा ले, तो यह डरावना अनुभव भी हो सकता है!
- हम चित्रों की दुनिया में प्रवेश कर सकते हैं: यदि चित्रों को जीवन मिल जाए, तो शायद हम भी उनके संसार में जा सकें। कोई कलाकार अपनी ही बनाई दुनिया में जाकर उसमें नए रंग और रूप जोड़ सकता है।
- शिक्षा और कला का नया रूप: विद्यार्थी चित्रों से सीधे संवाद कर सकेंगे और इतिहास तथा विज्ञान को बेहतर ढंग से समझ पाएंगे। कला और कल्पना को नया विस्तार मिलेगा, जहाँ चित्रकार अपनी कृतियों के साथ बातचीत कर पाएंगे।
यदि चित्रों में प्राण आ जाएँ, तो हमारी कल्पनाएँ वास्तविकता में बदल जाएँगी। यह एक अद्भुत अनुभव होगा। लेकिन हमें यह भी समझना होगा कि प्रत्येक चित्र की अपनी भावना होगी, कुछ हमारे मित्र बनेंगे, तो कुछ हमें भयभीत कर सकते हैं। अब आप सोचिए और चर्चा कीजिए – अगर आपके बनाए चित्र जीवन पा लें, तो वे क्या कहेंगे?
उदाहरण: चित्र का नाम, "हरियाली का संसार"
मैंने एक चित्र बनाया, जिसमें हरे-भरे वृक्ष, चहकते पक्षी और बहती नदी थी। यदि यह चित्र जीवंत हो जाता, तो पक्षी मुझसे कहते,
"कृपया हमारी धरती को हरा-भरा बनाए रखो, हमें पेड़ों और स्वच्छ जल की आवश्यकता है!"
shaalaa.com
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