Advertisements
Advertisements
Question
अनेक लोग सोचते हैं की सफल लोकतंत्र के लिए दो - दलीय व्यवस्था ज़रूरी है। पिछले तीस सालों के भारतीय अनुभवों को आधार बनाकर एक लेख लिखिए और इसमें बताइए की भारत की मौजूदा बहुदलीय व्यवस्था के क्या फायदे हैं।
Answer in Brief
Solution
- दलीय व्यवस्था: अनेक लोग सोचते हैं की सफल लोकतंत्र के लिए दलीय व्यवस्था आवश्यक है। वे इसके पक्ष में निम्नलिखित तर्क देते हैं:
- दो दलीय व्यवस्था से साधारण बहुमत के दोष समाप्त हो जाते है और जो भी प्रत्याक्षी या दल जीतता है वह आधे से अधिक अर्थात 50 प्रतिशत से ज्यादा (मतदान किए गए कुल मतों का अंश) होते हैं।
- देश में सभी को पता होता है की यदि सत्ता एक दल से दूसरे दल के पास जाएगी तो कौन - कौन प्रमुख पदों - प्रधानमंत्री, उपप्रधानमंत्री, गृहमंत्री, वित्तमंत्री, विदेश मंत्री आदि पर आएँगे। प्रायः इंग्लैंड और अमेरिका में ऐसा ही होता है।
- सरकार ज्यादा स्थायी रहती है और वह गठबंधन की सरकारों के समान दूसरे दलों की बैसाखियों पर टिकी नहीं होती। वह उनके निर्देशों को सरकार गिरने के भय से मानने के लिए बाध्य नहीं होती। बहुदलीय प्रणालियों में देश में फुट पैदा होती है। दल जातिगत या व्यक्ति विशेष के प्रभाव पर टिके होते हैं और सरकार के काम में अनावश्यक विलंब होता रहता है।
- बहुदलीय प्रणाली में भ्र्ष्टाचार फैलता है। सबसे ज्यादा कुशल व्यक्तियों की सेवाओं का अनुभव प्राप्त नहीं होता और जहाँ साम्यवादी देशों की तरह केवल एक ही पार्टी की सरकार होती है तो वहाँ दल विशेष या वर्ग विशेष की तानाशाही नहीं होती।
- गत तीस वर्षों के भारतीय अनुभव एवं विद्यमान बहुदलीय व्यवस्था के लाभ: भारत विभिन्नताओं वाला देश है। यहाँ गत 60 वर्षों से बहुदलीय प्रणाली जारी है। यह दल प्रणाली देश के लिए निम्नलिखित कारणों से अधिक फायेदमंद जान पड़ती है:
- भारत जैसे विशाल तथा विभिन्नताओं वाले देश के लिए कई राजनितिक दल लोकतंत्र की सफलता के लिए परम आवश्यक हैं। प्रजातंत्र में दलीय प्रथा प्रणतुल्य होती है। राजनितिक दल जनमत का निर्माण करते हैं। चुनाव लड़ते हैं। सरकार बनाते हैं, विपक्ष की भूमिका भी अदा करते हैं।
- दलीय प्रणाली जनता को राजनितिक शिक्षा प्रदान करती है। राजनितिक दल सभाएँ करते है, सम्मेलन करते हैं, जलूस निकलते हैं तथा अपने दल की नीतियाँ बनाकर जनता के सामने प्रचार करते हैं। सरकार की आलोचना करते हैं। संसद में अपना पक्ष प्रस्तुत करते हैं और इस प्रकार जनता को राजनितिक शिक्षा प्राप्त होती रहती है।
- दलीय प्रणाली के कारण सरकार में दृढ़ता आती है क्योंकि दलीय आधार पर सरकार को समर्थन मिलता रहता है।
- विपक्षी दल सरकार की निरंकुशता पर रोक लगाते हैं।
- दलीय प्रणाली में शासन और जनता दोनों में अनुशासन बना रहता है। राष्ट्रिय हितो पर अधिक ध्यान दिया जाता है।
- अनेक राजनितिक दल राजनितिक कार्यों के साथ - साथ सामाजिक सुधार के कार्य भी करते हैं।
shaalaa.com
सांप्रदायिकता, धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र
Is there an error in this question or solution?