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Question
Very Long Answer
Solution
हमारे देश में मुख्य रूप से चार ऋतुएँ होती हैं – ग्रीष्म ऋतु, वर्षा ऋतु, शीत ऋतु और वसंत ऋतु। इनमें से वसंत ऋतु को ऋतुओं का राजा कहा जाता है। यह ऋतु अपनी मनमोहक सुंदरता, सुगंध और आनंददायक वातावरण के लिए जानी जाती है।
- कालावधि (समय अवधि): वसंत ऋतु फरवरी और मार्च के महीनों में आती है। यह शीत ऋतु के समाप्त होने और ग्रीष्म ऋतु के आगमन के बीच की ऋतु होती है। इस समय न अधिक सर्दी होती है और न अधिक गर्मी, जिससे मौसम बहुत सुहावना बना रहता है।
- प्रकृति पर प्रभाव: वसंत ऋतु का आगमन होते ही प्रकृति में नयापन आ जाता है। पेड़-पौधों में नई कोपलें आने लगती हैं, फूल खिलने लगते हैं और खेतों में फसलें लहलहा उठती हैं। कोयल की मधुर कूक वातावरण को और भी आनंदमय बना देती है। इस ऋतु में हरियाली अपने चरम पर होती है, जिससे मन प्रसन्न हो जाता है।
- खान-पान के पदार्थ: वसंत ऋतु में मौसम सुहावना होने के कारण लोग स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन का आनंद लेते हैं। इस ऋतु में ताजे फल और सब्जियाँ मिलती हैं। आमतौर पर इस समय गन्ने का रस, हल्के व्यंजन और मिठाइयाँ पसंद की जाती हैं। इसके अलावा, होली का त्योहार भी इसी ऋतु में आता है, जिसमें गुजिया, ठंडाई और अन्य पारंपरिक व्यंजन बनाए जाते हैं।
वसंत ऋतु का महत्व सिर्फ प्राकृतिक सुंदरता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों के मन को भी उत्साह और उमंग से भर देती है। इस मौसम में न तो अधिक ठंड होती है और न ही अधिक गर्मी, जिससे यह सबसे सुखद ऋतु मानी जाती है। प्रकृति के इस अनुपम उपहार का हमें आनंद लेना चाहिए और पर्यावरण को स्वच्छ और हरा-भरा बनाए रखने का प्रयास करना चाहिए।
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