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Question
असंगठित क्षेत्रक में श्रमिकों का शोषण किया जाता है। क्या आप इस विचार से सहमत हैं? अपने उत्तर के समर्थन में कारण दीजिए।
Solution
असंगठित क्षेत्रक छोटी-छोटी और बिखरी इकाइयों से निर्मित होता है। इसमें नियमों का अनुपालन नहीं होता है। यहाँ कम वेतनवाले रोजगार हैं। यहाँ अतिरिक्त समय में काम करने, सवेतन छुट्टी, बीमारी के कारण छुट्टी इत्यादि का कोई प्रावधान नहीं है। श्रमिकों को बिना किसी कारण काम से हटाया जा सकता है। असंगठित क्षेत्रक में श्रमिक कम वेतन पर काम करते हैं। उनका प्रायः शोषण किया जाता है। उन्हें उचित मजदूरी नहीं दी जाती। उनकी आय कम होती है और नियमित नहीं होती। इस रोजगार में संरक्षण नहीं है और न ही इसमें कोई लाभ है।
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कार्य स्थान |
रोज़गार की प्रकृति |
श्रमिकों का प्रतिशत |
सरकार द्वारा पंजीकृत कार्यालयों और कारखानों में |
संगठित |
15 |
औपचारिक अधिकार - पत्र सहित बाज़ार में अपनी दुकान, कार्यालय, और क्लिनिक |
- |
15 |
सड़कों पर काम करने वाले लोग, निर्माण श्रमिक, घरेलू कामगार |
- |
20 |
छोटी कार्यशालाओं में काम करना आमतौर पर सरकार के पास पंजीकृत नहीं होता है |
- |
- |
तालिका को पूरा कीजिए। इस शहर में असंगठित क्षेत्रक में श्रमिकों की प्रतिशतता क्या है?
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निम्नलिखित तालिका में तीनों क्षेत्रकों का सकल घरेलू उत्पाद (जी०डी०पी०) रुपये (करोड़) में दिया गया है
वर्ष | प्राथमिक | द्वितीयक | तृतीयक |
2000 | 52,000 | 48,500 | 1,33,500 |
2013 | 8,00,500 | 10,74,000 | 38,68,000 |
- वर्ष 2000 एवं 2013 के लिए जी०डी०पी० में तीनों क्षेत्रकों की हिस्सेदारी की गणना कीजिए।
- अध्याय में दिए आरेख-2 के समान इसे दंड-आरेख के रूप में प्रदर्शित कीजिए।
- दंड-आरेख से हम क्या निष्कर्ष प्राप्त करते हैं?