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Question
भारत के नक्शे पर मुख्य नदियों और पर्वत-शृंखलाओं को पारदर्शी काग़ज लगाकर रेखांकित करें। बम्बई, कलकत्ता और मद्रास सहित इस अध्याय में उल्लिखित दस शहरों को चिनित कीजिए और उनमें से किन्हीं दो शहरों के बारे में संक्षेप में लिखिए कि उन्नीसवीं सदी के दौरान उनका महत्त्व किस तरह बदल गया? (इनमें एक औपनिवेशक शहर तथा दूसरा उससे पहले का शहर होना चाहिए।)
Solution
संकेत –
प्रमुख नदियाँ- गंगा, ब्रह्मपुत्र, यमुना, झेलम, रावी, सतलुज, नर्मदा, गोदावरी, कृष्ण और कावेरी।
पर्वत-श्रृंखलाएँ- हिमालय, अरावली, विन्ध्याचल, शिवालिक, सतपुड़ा, काराकोरम आदि।
भारत के दस प्राचीन नगर- दिल्ली, आगरा, लाहौर, पटना, सूरत, कलकत्ता, मुम्बई, काँचीपुरम, ढाका, मदुरई, मछलीपट्नम आदि।
19वीं शताब्दी के दौरान औपनिवेशिक शहर- बम्बई, मद्रास, कलकत्ता, पांडिचेरी, पणजी।
- उपर्युक्त स्थलों को भारत के नक्शे पर स्वयं चिनित करें।
19वीं शताब्दी के दौरान का एक औपनिवेशिक शहर-
बम्बई (मुंबई)- बम्बई भारत के पश्चिमी तट पर स्थित भारत का सर्वाधिक विशाल बन्दरगाह शहर है। 17 वीं शताब्दी में यह सात द्वीपों का शहर पुर्तगालियों के अधीन मात्र एक द्वीप समूह था। सन् 1661 में पुर्तगाली राजकुमारी के साथ अंग्रेज राजा चार्ल्स द्वितीय का विवाह हुआ तब यह द्वीप समूह उपहार स्वरूप अंग्रेजों के पास चला आया। 1818 में जब चतुर्थ अंग्रेज-मराठा युद्ध में मराठा पराजित हो गए तो अंग्रेजों के पास बम्बई का पूर्ण नियंत्रण आ गया।
ब्रिटिश सरकार के स्थापित होते ही इस शहर ने शक्ति एवं सम्मान की दृष्टि से बहुत ही ख्याति एवं महत्ता प्राप्त कर ली।
कारण-
- जब 1819 में बम्बई शहर को बोम्बे प्रेसीडेंसी की राजधानी बना दिया गया तो इसका बड़ी तीव्रता से फैलाव हुआ।
- यह नगर अफीम एवं कपास के व्यापार का केंद्र बन गया और यहाँ वस्त्र की अनेक मिलें स्थापित की गईं।
महत्त्व-
- अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कम्पनी ने अपने व्यापारिक आधार या मुख्य शिविर को सूरत से उठाकर बम्बई स्थापित कर दिया। जैसे-जैसे समय गुजरा, बम्बई भारत की वाणिज्यिक राजधानी बन गया।
- पश्चिमी भारत में यह एक प्रशासनिक केंद्र बन गया।
- 19वीं शताब्दी के अंत तक बम्बई एक प्रमुख औद्योगिक केन्द्र भी बन गया।
- बम्बई एक बड़े पतन के रूप में कार्य करने लगा। यहाँ से कपास और अफीम का कच्चा माल बहुत बड़ी मात्रा में आने-जाने लगा।
- सबसे बड़ा रेलवे जंक्शन (मुख्यालय) बन गया।
- 1881 और 1931 के मध्य लगभग 25 प्रतिशत बम्बई के निवासी बम्बई में पैदा हुए थे। शेष 75 प्रतिशत लोग बम्बई में बाहर से आकर बसे थे।
- कालांतर में बम्बई, भारत में फिल्म निर्माण का एक महत्त्वपूर्ण केन्द्र बना।
दिल्ली- दिल्ली भारत के सबसे प्राचीन शहरों में से एक है। इसके प्रारंभ के चिह्न हमें महाभारत युग में भी दिखाई देते हैं। उस समय (महाकाव्य काल) में इस शहर को इन्द्रप्रस्थ कहा जाता था। यह एक स्वीकृत ऐतिहासिक तथ्य है कि इस शहर की अनेक बार नींव रखी गई और अनेक बार उजाड़ा गया। 17वीं शताब्दी में शाहजहाँनाबाद नाम से जिसे आजकल (पुरानी दिल्ली) कहा जाता है, इसे मुगल सम्राट शाहजहाँ ने बसाया था। इस शहर के चारों ओर ऊँची, मोटी और सुदृढ चारदीवारी थी जिसमें शहर में प्रवेश और निकासी के लिए स्थान-स्थान पर विशाल द्वार बने हुए थे। इनमें से कुछ इमारतों पर उस विशाल दीवार और द्वार के अवशेष देखे जा सकते हैं। अंग्रेज़ों के शासनकाल में नयी दिल्ली की नींव रखी गई और इसका खूब विस्तार हुआ और इस नए शहर को 1911 में अंग्रेजों ने ब्रिटिश राजधानी के रूप में चुना।
आजकल दिल्ली भारत का सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण महानगर है। यह भारत की राजधानी है। यहाँ राष्ट्रप्रमुख (प्रधानमंत्री) के आवास हैं। यह शहर यमुना नदी के किनारे स्थित है। यद्यपि दिल्ली को ‘डी’ श्रेणी का राज्य घोषित किया गया है, लेकिन व्यावहारिक तौर पर इसे संघीय प्रदेश में शामिल किया जाता है। आधिकारिक तौर पर दिल्ली शहर को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के रूप में जाना जाता है। राजधानी होने के कारण इस शहर में अनेक नागरिक, प्रशासनिक, सैनिक और गैर-प्रशासनिक कार्यालय और बड़ी संख्या में दफ्तर हैं। इस शहर में देश के लगभग सभी प्रांतों और संघीय प्रदेशों के लोग, विभिन्न सैन्य बल, विभिन्न प्रकार के सरकारी और गैर-सरकारी कर्मचारी रहते हैं।