English

भाव स्पष्ट कीजिए - (क) रूपांतर है सूरज की किरणों का सिमटा हुआ संकोच है हवा की थिरकन का! - Hindi Course - A

Advertisements
Advertisements

Question

भाव स्पष्ट कीजिए -

(क) रूपांतर है सूरज की किरणों का

सिमटा हुआ संकोच है हवा की थिरकन का!

Short Note

Solution

प्रस्तुत पंक्तियों का तात्पर्य यह है कि फसल के लिए सूरज की किरणें तथा हवा दोनों का प्रमुख योगदान है। वातावरण के ये दोनों अवयव ही फसल के योगदान में अपनी-अपनी भूमिका अदा करते हैं।

shaalaa.com
फसल
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 6: नागार्जुन - यह दंतुरहित मुस्कान और फसल - फसल [Page 42]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Kshitij Part 2 Class 10
Chapter 6 नागार्जुन - यह दंतुरहित मुस्कान और फसल
फसल | Q 4 | Page 42

RELATED QUESTIONS

कवि के अनुसार फसल क्या है?


कविता में फसल उपजाने के लिए आवश्यक तत्वों की बात कही गई है। वे आवश्यक तत्व कौन-कौन से हैं?


फसल को 'हाथों के स्पर्श की गरिमा' और 'महिमा' कहकर कवि क्या व्यक्त करना चाहता है?


कवि ने फसल को हज़ार-हज़ार खेतों की मिट्टी का गुण-धर्म कहा है -

(क) मिट्टी के गुण-धर्म को आप किस तरह परिभाषित करेंगे?

(ख) वर्तमान जीवन शैली मिट्टी के गुण-धर्म को किस-किस तरह प्रभावित करती है?

(ग) मिट्टी द्वारा अपना गुण-धर्म छोड़ने की स्थिति में क्या किसी भी प्रकार के जीवन की कल्पना की जा सकती है?

(घ) मिट्टी के गुण-धर्म को पोषित करने में हमारी क्या भूमिका हो सकती है?


‘फ़सल’ कविता हमें उपभोक्तावादी संस्कृति के दौर से कृषि संस्कृति की ओर ले जाती है। स्पष्ट कीजिए।


फ़सल उगाने में किसानों के योगदान को स्पष्ट कीजिए।


‘फ़सल’ कविता का प्रतिपाद्य स्पष्ट कीजिए।


'फ़सल' कविता में 'फ़सल' की श्रेष्ठ परिभाषा के साथ प्रकाश में आए अन्य बिंदु हैं-


“मिट्टी के गुण-धर्म को सुरक्षित कैसे रखा जा सकता है?” 'फसल' कविता के आधार पर लिखिए।


निर्धारित कविता के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:

फसल 'हाथों के स्पर्श की गरिमा और महिमा' किस प्रकार है? विचार कीजिए।


पद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -

इस वर्ष पाठ्यक्रम में पढ़ी कौन-सी कविता आपको सबसे अधिक प्रभावित करती है, और क्यों?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×