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Question
भावार्थ लिखिए :
बिन आए सबहीं सुख भूले। आए ते अँग-अँग सब फूले।।
सीरा भई लगावत छाती। क्यों सखि साजन? ना सखि पाती।।
Solution
पहली सहेली कहती है कि उसके न आने पर मैं सब सुख भूल जाती हूँ और जब वह आ जाता है तो मेरा अंग-अंग पुलकित होने लगता है। उसे सीने से लगाते ही मुझे ठंडक मिलती है। इस पर दूसरी सखी पूछती है कि हे सखी!, क्या वह साजन (प्रियतम) है? जवाब में पहली सहेली बताती है कि नहीं, वह पत्र है।
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मुकरियों के आधार पर निम्नलिखित शब्दों की विशेषताएँ लिखिए:
अ. क्र. | शब्द | विशेषता |
१ | तोता | राम भजन किए बिना कभी न सोने वाला |
२ | नीर | ______ |
३ | अंजन | ______ |
४ | ढोल | ______ |
भावार्थ लिखिए:
रात समय वह मेरे आवे। भोर भये वह घर उठि जावे।।
यह अचरज है सबसे न्यारा। ऐ सखि साजन? ना सखि तारा।।
भावार्थ लिखिए:
अति सुरंग है रंग रॅंगीलो। है गुणवंत बहुत चटकीलो।।
राम भजन बिन कभी न सोता। क्यों सखि साजन ? ना सखि तोता।।
"ऐ सखि !" पूरक पठन का रचना बोध लिखिए।
प्राकृतिक घटकों पर आधारित पहेलियाँ बनाइए और संकलन कीजिए।