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भौगोलिक कारण लिखिए। मेघालय पठार और दख्खन पठार इनकी निर्मिति में अंतर है। - Geography [भूगोल]

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Question

भौगोलिक कारण लिखिए।

मेघालय पठार और दख्खन पठार इनकी निर्मिति में अंतर है।

Answer in Brief

Solution

  1. आंतरिक भू-हलचलों के कारण क्षितिज के समांतर तथा एक-दूसरे से दूर जाने वाली ऊर्जा तरंगों का निर्माण होता है तब चट्टानों पर तनाव निर्माण होता है। इससे चट्टानों में दरारें पड़ जाती हैं वही दरारें भ्रंश कहलाती है। उसी प्रकार कठोर चट्टानों में ऊर्जा तरंगें एक-दूसरे की ओर आने से भी दबाव पड़ता है और इस प्रकार के भ्रंश निर्माण होते हैं। दो समांतर भ्रंशों के बीचवाला भूपटल का भाग जब ऊपर उठता है तब ठीहे के समान दिखाई देता है। जैसे - मेघालय का पठार।
  2. ज्वालामुखी का उद्रेक होते समय लावा कई दरारों में से बाहर निकलता है, उसे भ्रंशीय ज्वालामुखी कहते हैं। ज्वालामुखी उद्गार से बाहर निकलने वाला पदार्थ दरारों के दोनों ओर फैल जाता है। ऐसे उद्गार से ज्वालामुखीय पठारों की निर्मिति होती है। जैसे - भारत में दख्खन का पठार। इस प्रकार मेघालय पठार और दख्खन पठार की निर्मिति में अंतर है।
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मंद भू-हलचलें
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Chapter 2: आंतरिक हलचलें - स्वाध्याय [Page 20]

APPEARS IN

Balbharati Geography (Social Science) [Hindi] 9 Standard Maharashtra State Board
Chapter 2 आंतरिक हलचलें
स्वाध्याय | Q २. (आ) | Page 20
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