English
Maharashtra State BoardSSC (English Medium) 9th Standard

‘बीती ताहि बिसारि दे, आगे की सुधि लेइ’, कवि के इस कथन की हमारे जीवन में सार्थकता स्पष्ट कीजिए। - Hindi (Second/Third Language) [हिंदी (दूसरी/तीसरी भाषा)]

Advertisements
Advertisements

Question

‘बीती ताहि बिसारि दे, आगे की सुधि लेइ’, कवि के इस कथन की हमारे जीवन में सार्थकता स्पष्ट कीजिए।

Short Note

Solution

कवि के इस कथन की हमारे जीवन में सार्थकता यह है कि हमें अपने जीवन में असफलता प्राप्त होने पर निराश नहीं होना चाहिए। जो हो गया है उसकी चिंता करने के बदले हमें चिंतन करना चाहिए। अपनी असफलताओं के कारणों का पता लगाना चाहिए। जीवन बहुत बड़ा है और एक के बाद एक कई चुनौतियाँ हमारे सामने आती हैं। अत: वर्तमान को भुलाकर सदैव भविष्य के उद्देश्यों में सफलता प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए।

shaalaa.com
कह कविराय
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 2.01: कह कविराय - पाठ से आगे [Page 41]

APPEARS IN

Balbharati Hindi - Lokbharati 9 Standard Maharashtra State Board
Chapter 2.01 कह कविराय
पाठ से आगे | Q (१) | Page 41

RELATED QUESTIONS

संजाल पूर्ण कीजिए:


अपना शीस इसके लिए आगे करना चाहिए तो इसकी प्राप्ति होगी?


बड़ों के द्‌वारा दी गई सीख


‘हाथ’ शब्‍द पर प्रयुक्‍त कोई एक मुहावरा लिखकर उसका वाक्‍य में प्रयोग कीजिए।


‘खुशियाँ बाँटने से बढ़ती हैं’ इसपर अपना मत स्‍पष्‍ट कीजिए।


"कह कविराय" काव्य का रचना बोध लिखिए।


कौआ और कोकिल में समानता तथा अंतर:

  समानता अंतर कवि की दृष्टि से
कौआ      
कोकिल      

कविता (कह कविराय) में कवि की दृष्टि से मित्र की परिभाषा -

  1.  ______
  2. ______
  3. ______
  4. ______ 

आकृति:


कविता (कह कविराय) में प्रयुक्त तत्सम, तद्‌भव, देशज शब्दों का चयन करके उनका वर्गीकरण कीजिए तथा पाँच शब्दों का वाक्य में प्रयोग कीजिए।


कविता (कह कविराय) में कवि के मतानुसार मनुष्य की विचारधारा निम्न मुद्दे के आधार पर स्पष्ट कीजिए:

ॠण लेते समय


कविता (कह कविराय) में कवि के मतानुसार मनुष्य की विचारधारा निम्न मुद्दे के आधार पर स्पष्ट कीजिए:

ॠण लौटाते समय


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×