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Question
C से Pb तक की ऑक्सीकरण अवस्था की भिन्नता के क्रम की व्याख्या कीजिए।
Solution
C से Pb तक (कार्बन परिवार) ऑक्सीकरण अवस्था [Oxidation state from C to Pb (Carbon family)] कार्बन परिवार (समूह 14) के तत्वों का विन्यास ns2 होता है। स्पष्ट है कि इन तत्वों के परमाणुओं के बाह्यतम कोश में चार इलेक्ट्रॉन होते हैं। इन तत्वों द्वारा सामान्यत: +4 तथा +2 ऑक्सीकरण अवस्था दर्शाई जाती है। कार्बन ऋणात्मक ऑक्सीकरण अवस्था भी प्रदर्शित करता है। चूँकि प्रथम चार आयनन एन्थैल्पी का योग अति उच्च होता है; अतः +4 ऑक्सीकरण अवस्था में अधिकतर यौगिक सहसंयोजक प्रकृति के होते हैं। इस समूह के गुरुतर तत्वों में Ge < Sn < Pb है।
- SnCl4 तथा PbCl4 की तुलना में SnCl2 तथा PbCl2 अधिक सरलता से बनते हैं।
- PbCl2, SnCl2 से अधिक स्थायी होता है चूँकि इसमें अक्रिय युग्म प्रभाव की परिमाण अधिक होता है।
चतु:संयोजी अवस्था में अणु के केंद्रीय परमाणु पर आठ इलेक्ट्रॉन होते हैं। इलेक्ट्रॉन परिपूर्ण अणु होने के कारण सामान्यतया इलेक्ट्रॉनग्राही या इलेक्ट्रॉनदाता स्पीशीज की अपेक्षा इनसे नहीं की जाती है। यद्यपि कार्बन अपनी सहसंयोजकता +4 का अतिक्रमण नहीं कर सकता है, परंतु समूह के अन्य तत्व ऐसा करते हैं। यह उन तत्वों में d-कक्षकों की उपस्थिति के कारण होता है। यही कारण है कि ऐसे तत्वों के हैलाइड जल-अपघटन के उपरांत दाता स्पीशीज (donor species) से इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके संकुल बनाते हैं।
उदाहरणार्थ - कुछ स्पीशीज [जैसे- \[\ce{SiF^{2-}_6}\], (GeCl6)2- तथा Sn(OH)6]2- ऐसी होती हैं, जिनके केंद्रीय परमाणु sp3d2 संकरित होते हैं।
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