English

चिंतन के स्वरुप की व्याख्या किजिए। - Psychology (मनोविज्ञान)

Advertisements
Advertisements

Question

चिंतन के स्वरुप की व्याख्या किजिए।

Answer in Brief

Solution

चिंतन सभी संज्ञानात्मक गतिविधियों या प्रक्रियाओं का आधार है। यह केवल मानव जाति में ही पाया जाता है। इसमें वातावरण से प्राप्त सूचनाओं का प्रहस्तन एवं विश्लेषण सम्मिलित है। उदाहरण के लिए, एक पेंटिंग (चित्र) को देखते समय हम मात्र पेंटिंग के रंग अथवा रेखा एवं स्पर्श पर ही ध्यान नहीं देते हैं, बल्कि हम उसके अर्थ को समझने के लिए चित्र से प्रे जाते हैं तथा सूचना को अपने वर्तमान ज्ञान से जोड़ने का प्रयास करते है। इस प्रकार चिंतन एक उच्चतर मानसिक प्रक्रिया है जिसके द्वारा हम अर्जित अथवा वर्तमान सूचना का प्रहस्तन एवं विश्लेषण करते हैं। इस प्रकार का प्रहस्तन एवं विश्लेषण सार प्रस्तुत करने, तर्क करने, कल्पना करने, समस्या का समाधान करने, समझने एवं निर्णय लेने के माध्यम से उत्पन्न होता है। 

चिंतन प्रायः संगठित और लक्ष्य निर्देशित होता है। खाना बनाने से लेकर गणित की समस्या का हल करने तक दिन प्रतिदिन की सभी गतिविधियों का एक लक्ष्य होता है। एक व्यक्ति यदि कार्य से सुपरिचित है तो योजना बनाकर पूर्व में अपनाए गए उपायों को पुनः स्मरण कर (यदि कृत्य सुपरिचित है) या यदि कृत्य नया है तो रचना कौशल का अनुमान कर लक्ष्य तक पहुँचना चाहता है।

चिंतन एक आंतरिक मानसिक प्रक्रिया है जिसका अनुमान बाह्य या प्रकट व्यवहार से लगाया जा सकता है। एक चाल चलने से पहले कई मिनट तक चिंतन में तल्लीन किसी शतरंज के खिलाड़ी को क्या आपने देखा है ? आप यह नहीं देख सकते कि वह क्या सोच रहा है। आप उसकी अगली चाल से मात्र यह अनुमान लगा सकते हैं कि वह क्या सोच रहा था या वह किन युक्तियों का मूल्यांकन कर रहा था।

shaalaa.com
चिंतन का स्वरुप
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 8: चिंतन - समीक्षात्मक प्रश्न [Page 174]

APPEARS IN

NCERT Psychology [Hindi] Class 11
Chapter 8 चिंतन
समीक्षात्मक प्रश्न | Q 1. | Page 174
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×