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चुप तुम रहो, चुप हम रहें कैसा लगा यह खेल? - Environmental Studies (पर्यावरण अध्ययन)

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Question

चुप तुम रहो, चुप हम रहें कैसा लगा यह खेल?

One Line Answer

Solution

चुप तुम रहो, चुप हम रहें खेल बहुत रोचक लेकिन थोड़ा मुश्किल लगा।

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बिन बोले बात
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Chapter 7: बिन बोले बात - बिन बोले बात [Page 45]

APPEARS IN

NCERT Environmental Studies - Looking Around [Hindi] Class 3
Chapter 7 बिन बोले बात
बिन बोले बात | Q 1. | Page 45

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क्या तुमने कभी किसी को इशारों से बातें करते देखा हैं?


क्या बिना बोले नाटक करने में मुश्किल आई?


लोगों को इशारों में बात करने की ज़रूरत कब पड़ती है?


अपने आस-पास के छोटे बच्चों (करीब 6-8 महीने के) को देखो। वे अपनी बात बिना बोले कैसे कहते हैं?


तुम सोच रहे होंगे कि ये कैसे चेहरे हैं? न इनमें आँखें हैं।, न नाक और न ही मुँह। ये सब तो तुम्हें बनाने हैं, पर साथ में जो लिखा है उसे पढ़कर।

यह आफ़ताब है। उसका खिलौना गिर कर टूट गया है। वह दुखी है। कैसा होगा उसका चेहरा?


तुम सोच रहे होंगे कि ये कैसे चेहरे हैं? न इनमें आँखें हैं।, न नाक और न ही मुँह। ये सब तो तुम्हें बनाने हैं, पर साथ में जो लिखा है उसे पढ़कर।

यह जुली है। कल ही उसकी छोटी बहन पैदा हुई है। वह बहुत खुश है। उसका चेहरा बनाओ।


तुम सोच रहे होंगे कि ये कैसे चेहरे हैं? न इनमें आँखें हैं।, न नाक और न ही मुँह। ये सब तो तुम्हें बनाने हैं, पर साथ में जो लिखा है उसे पढ़कर।

यह यामिनी की अम्मा है। आज यामिनी ने जब रसोई से अचार की शीशी निकली, शीशी गिर क्र टूट गई। अम्मा का चेहरा बनाओ।


नाच से भी हम अपनी बात दूसरों तक पहुँचा सकते हैं। नाच में इशारों और चेहरे के हाव-भाव का इस्तेमाल करते हैं। इन्हें मुद्राएँ कहते हैं।


नीचे चित्र में नाच की कुछ मुद्राएँ दी हैं इन्हें देखो और करो।

नाच की कुछ मुद्राएँ तुम भी सीखो और करके दिखाओ।


चित्रों को देखकर अनुमान लगाओ, इन पर अपने मन से कहानी बनाओ तथा अपने साथियों को सुनाओ और उस कहानी पर बातचीत भी करो।


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