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चूसकर श्रम रक्‍त जिसका, जगत में मधुरस बनाया, एक-सी जिसको बनाई, सृजक ने भी धूप-छाया, मनुजता के ध्वज तले, आह्‌वान उसका आज कर लूँ। उस कृषक का गान कर लूँ ।। -

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Question

निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

चूसकर श्रम रक्‍त जिसका, जगत में मधुरस बनाया,

एक-सी जिसको बनाई, सृजक ने भी धूप-छाया,

मनुजता के ध्वज तले, आह्‌वान उसका आज कर लूँ।

उस कृषक का गान कर लूँ ।।

विश्व का पालक बन जो, अमर उसको कर रहा है ....

(1) सूचनानुसार लिखिए- (2)

  1. ऐसी पंक्ति जिसमें श्रमिक के गुणगान का संदर्भ हैं - ______
  2. कृषक की उपलब्धि - ______

(2) कृषकों के जीवन पर अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)

Answer in Brief

Solution

(1)

  1. मनुजता के ध्वज तले, आह्‌वान उसका आज कर लूँ।
  2. श्रमशीलता का प्रहरी श्रमिक।

(2) कृषक का जीवन बेहद सामान्य और वंचित होता है। पूरी दुनिया का पेट भरने वाला कृषक वर्ग भोजन, आवास और अशिक्षा से ग्रसित है। यह समाज का रक्षक है, परंतु इनकी रक्षा कोई नहीं कर पा रह हैं। यह अभावहीन किसान प्रकृति और मानव जाति के बीच पिस सा गया है। अब इन्होंने आत्महत्या जैसे कार्य को अपना लिया है। सरकार भी इनकी समस्या पर मौन है।

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कृषक का गान
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