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Question
Solution
नेक कार्य का इनाम
गाँव में हर साल की तरह इस बार भी मेला लगा था। दूर-दूर से लोग इस मेले को देखने आए थे, जिससे पूरे गाँव में चहल-पहल थी। सभी मेले की ओर जाने के लिए सड़क से गुजर रहे थे।
जब लोग गाँव के प्रवेश द्वार के पास पहुँचे, तो देखा कि सड़क के बीचोंबीच एक बड़ा सा पत्थर पड़ा हुआ था। कई लोग उस पत्थर से टकराकर गिर रहे थे, कुछ गुस्से में थे, तो कुछ चुपचाप आगे बढ़ गए। लेकिन किसी ने भी उस पत्थर को हटाने की कोशिश नहीं की।
बहुत देर से एक लड़का यह सब देख रहा था। उसे लगा कि यह पत्थर लोगों के लिए परेशानी खड़ी कर रहा है, इसलिए उसे हटाना चाहिए। उसने हिम्मत जुटाई और पत्थर को हटाने लगा। कड़ी मेहनत के बाद जब उसने पत्थर हटाया, तो उसे उसके नीचे एक चिट्ठी मिली।
उस चिट्ठी में लिखा था, "जो कोई भी इस पत्थर को हटाएगा, वह निःस्वार्थ सेवा की सच्ची भावना रखता है। इस नेक कार्य के लिए उसे पुरस्कार दिया जाएगा।" पास ही में एक थैली रखी थी, जिसमें इनाम के रूप में कुछ सोने के सिक्के थे।
लड़का यह देखकर बहुत खुश हुआ। उसने यह सीख ली कि समाज में अच्छाई लाने के लिए पहल करना जरूरी है। यह घटना सभी गाँववालों के लिए भी एक शिक्षा बन गई कि किसी समस्या को नजरअंदाज करने के बजाय उसे हल करने की कोशिश करनी चाहिए।
शिक्षा:
हमें समाज की भलाई के लिए आगे आना चाहिए और दूसरों की मदद करने के लिए तत्पर रहना चाहिए।