Advertisements
Advertisements
Question
‘दूसरों के मतों/विचारों का आदर करने में हमारा सम्मान है’ इसे उदाहरणों द्वारा स्पष्ट कीजिए।
Solution
जीवन में आदर-सम्मान का विशेष महत्व है। हमें दूसरों के प्रति यह भाव सीखना चाहिए और उनके प्रति वैसा ही उपयुक्त व्यवहार करना चाहिए। यदि आप आदर और सम्मान चाहते हैं तो पहले आपको दूसरों का आदर और सम्मान करना होगा। इस प्रकृति का यह नियम है कि आप इसे जो भी देते हैं वह उसे कई गुणा करके आपको वापस लौटा देती है। उदाहरण के लिए, दो प्रकार के नेता होते हैं, एक राजनीतिक नेता और धार्मिक नेता। दोनों के कार्यों में कुछ समानताएँ होती है। उनके आचरण में अंतर भी होता है। राजनीतिक नेता अपनी घोषणाओं पर कई बार अमल नहीं करते हैं, जबकि धार्मिक नेता अपने वचनों का पालन पूरी निष्ठा के साथ करते हैं। हमें अपने जीवन में धर्म नेताओं से प्रेरणा लेकर अपने वचनों के पालन के प्रति निष्ठावान रहना चाहिए। अगर हम दूसरों को सम्मान देते हैं तो हमें भी सम्मान मिलेगा और यदि नहीं देते हैं तो हमें भी सम्मान नहीं मिलेगा। अगर हम भगवान श्रीराम के जीवन को समझने का प्रयास करेंगे तो ऐसा पाएँगे कि वे किस तरह अपने बाल्यकाल से ही दूसरों के प्रति आदर-सम्मान का भाव रखते थे। यह भाव हमें शिष्टाचार, सदाचार और अनुशासन का पाठ पढ़ाता है। हम अपने लिए नहीं, बल्कि दूसरों के लिए भी जीते हैं। अपने लिए जीना स्वार्थयुक्त जीवन जीना होता है, जबकि दूसरों के लिए जीना परमार्थयुक्त जीवन जीना होगा। हम मनुष्यों का इस नाते यह पावन कर्तव्य बनता है कि हम जहाँ कहीं रहें, सदैव दूसरों के प्रति यह आदर-भाव बनाए रखें।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
गजल एक ही बहर और वजन के अनुसार लिखे गए शेरों का समूह है। इसके पहले शेर को मतला और अंतिम शेर जिसमें शायर का नाम हो उस को मकता कहते हैं। इन गजलों में दुष्यंत कुमार जी ने साहस, अधिकारों के प्रति सजग रहने, स्वाभिमान बनाए रखने, खुद पर भरोसा करने के लिए प्रेरित किया है। |
गजल में आए किसी भाव, विचार का अपने शब्दाें में लेखन कीजिए।
आकृति:
उचित जोड़ियाँ मिलाइए:
(अ) | (ब) |
निर्वसन | सड़क |
दिया | जर्जर |
नाव | बाती |
अँधेरा | मैदान |
‘हर अंधेरी रात के बाद नई सुबह होती है’, इस विषय पर अपने विचार लिखिए।