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Question
एक निषेचित बीजांड में युग्मनज प्रसुप्ति के बारे में आप क्या सोचते हैं?
Short Answer
Solution
निषेचन के पश्चात् बीजांड में युग्मनज (जाइगोट) का विकास होता है। बीजांड के अध्यावरण कठोर होकर बीज आवरण बनाते हैं। बीजांड के बाहरी अध्यावरण से बीज आवरण तथा भीतरी अध्यावरण से अन्तः आवरण बनता है। भ्रूणपोष में आहार सामग्री एकत्रित होने लगते हैं। जल की मात्रा धीरे-धीरे कम हो जाती है, अतः कोमल बीजांड कठोर व शुष्क हो जाता है। धीरे-धीरे बीजांड के अंदर की कार्यशील गतिविधियाँ रुक जाती हैं तथा युग्मनज से बना नया भ्रूण प्रसुप्ति में पहुँच जाता है। इसे युग्मनज प्रसुप्ति कहते हैं। बीज आवरण से घिरा, एकत्रित आहार युक्त तथा प्रसुप्ति भ्रूण युक्त यह रचना, बीज कहलाती है।
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दोहरा निषेचन (द्वि - निषेचन)
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