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एक सीधी, क्षैतिज चालक छड़ जिसकी लम्बाई 0.45 cm एवं द्रव्यमान 60 g है। इसके सिरों पर जुड़े दो ऊर्ध्वाधर तारों पर लटकी हुई है। तारों से होकर छड़ में 5.0 A विद्युत धारा प्रवाहित हो रही है। - Physics (भौतिक विज्ञान)

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Question

एक सीधी, क्षैतिज चालक छड़ जिसकी लम्बाई 0.45 cm एवं द्रव्यमान 60 g है। इसके सिरों पर जुड़े दो ऊर्ध्वाधर तारों पर लटकी हुई है। तारों से होकर छड़ में 5.0 A विद्युत धारा प्रवाहित हो रही है।

  1. चालक के लम्बवत कितना चुम्बकीय क्षेत्र लगाया जाए कि तारों में तनाव शून्य हो जाए।
  2. चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा यथावत रखते हुए यदि विद्युत धारा की दिशा उत्क्रमित कर दी जाए तो तारों में कुल आवेश कितना होगा? (तारों के द्रव्यमान की उपेक्षा कीजिए। (g = 9.8 ms-2)
Numerical

Solution

छड़ की लम्बाई l = 0.45 m व द्रव्यमान m = 0.06 kg, तार में धारा i = 5.0 A

(a) तारों में तनाव शून्य करने के लिए आवश्यक है कि चुम्बकीय क्षेत्र के कारण छड़ पर बल उसके भार के बराबर वे विपरीत हो।

अतः ilB sin 90° = mg

B = `"mg"/"il" = (0.06 xx 9.8)/(5.0 xx 0.45) = 0.26`T

(b) यदि धारा की दिशा बदल दी जाए तो चुम्बकीय बल तथा छड़ का भार दोनों एक ही दिशा में हो जाएँगे।

इस स्थिति में, तारों का तनाव = mg + IlB sin 90°

= 2mg (∵ प्रथम दशा से, IlB sin 90° = mg)

= 2 × 0.06 × 9.8 = 1.176 = 1.18 N

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चुंबकीय क्षेत्र में गति
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Chapter 4: गतिमान आवेश और चुंबकत्व - अभ्यास [Page 171]

APPEARS IN

NCERT Physics [Hindi] Class 12
Chapter 4 गतिमान आवेश और चुंबकत्व
अभ्यास | Q 4.21 | Page 171

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