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Question
एक तत्त्व का मोलर द्रव्यमान 2.7 x 10-2 kg mol-1 है। यह 405 pm लम्बाई की भुजा वाली घनीय एकक कोष्ठिका बनाता है। यदि उसका घनत्व 2.7 x 103 kg m-3 हो तो घनीय एकक कोष्ठिका की प्रकृति क्या होगी?
Numerical
Solution
घनत्व, `rho = ("Z" xx "M")/("a"^3 xx "N"_"A")`
या Z = `(rho xx "a"^3 xx "N"_"A")/"M"`
यहाँ M (तत्त्व का मोलर द्रव्यमान = 2.7 × 10-2 kg mol-1
a (कोर लम्बाई) = 405 pm = 405 × 10-12 m = 4.05 × 10-10 m
ρ (घनत्व) = 2.7 × 103 kg m-3
NA (आवोगाद्रो संख्या) = 6.022 × 1023 mol-1
`therefore "Z" = ((2.7 xx 10^3 " kg m"^-3)(4.05 xx 10^-10 " m")^3(6.022 xx 10^23 " mol"^-1))/(2.7 xx 10^-2 " kg mol"^-1)`
= 3.99 i.e., 4
चूँकि प्रति एकक कोष्ठिका में तत्त्व के चार परमाणु हैं, अत: घनीय एकक कोष्ठिका फलक-केन्द्रित (fcc) या घनीय निविड संकुलित होगी।
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एकक कोष्ठिका विमा संबंधी गणनाएं
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