Advertisements
Advertisements
Question
एककोशिकीय सजीवाें में अलैंगिक प्रजनन के प्रकार उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
Explain
Solution
एक कोशिकीय सजीवों में अलैंगिक प्रजनन भिन्न-भिन्न सजीवों में अनेक पद्धतियों द्वारा होता है।इनमें से अलैंगिक प्रजनन की कुछ पद्धतियाँ निम्न प्रकार से हैं:
- द्विविभाजन (Binary Fission): इस पद्धति में जनक कोशिका का दो समान भागों में विभाजन होता है। इस कारण दो नवजात कोशिकाएँ बनती हैं। यह विभाजन समसूत्री अथवा समसूत्री पद्धति से होता है। सामान्यतः सजीवों में द्विविभाजन अनुकुल परिस्थिति होने पर तथा पर्याप्त भोजन उपलब्ध होने पर ही होता है। जीवाणु, आदिजीव, सदृश्यकेंद्रकी कोशिका में स्थित तंतुकणिका और हरितलवक की कोशिका अंगक द्विविभाजन पद्धति से अलैंगिक प्रजनन करते हैं।
विभाजन के अक्ष के अनुसार विभिन्न आदिजीवों में होनेवाले द्विविभाजन के प्रकार आगे दिए गए हैं।- साधारण द्विविभाजन - उदाहरण के लिए अमीबा का कोई निश्चित आकर न होने के कारण अमीबा में किसी भी अक्ष से विभाजन होता है इसलिए इसे साधारण द्विविभाजन कहते हैं।
उदा., अमीबा - क्षैतिज (आड़ा) द्विविभाजन- उदाहरण के लिए पैरामिशियम में क्षैतिज द्विविभाजन पद्धति से विभाजन होता है।
उदा., पैरामिशियम - उर्ध्वाधर (खड़ा) द्विविभाजन- उदाहरण के लिए यूग्लीना में ऊर्ध्वाधर द्विविभाजन पद्धति से विभाजन होता है।
उदा., यूग्लीना
- साधारण द्विविभाजन - उदाहरण के लिए अमीबा का कोई निश्चित आकर न होने के कारण अमीबा में किसी भी अक्ष से विभाजन होता है इसलिए इसे साधारण द्विविभाजन कहते हैं।
- बहुविभाजन: अमिबा और उसके समान एककोशिय आदिजीव प्रतिकुल परिस्थिति में बहुविभाजन पद्धति से अलैंगिक प्रजनन करते हैं। जिस समय अपर्याप्त भोजन या अन्य प्रकार की प्रतिकुल परिस्थितियाँ पैदा होती हैं। उस समय अमिबा कुटपाद तैयार नहीं करता और अपनी हलचल रोक देता है। वह गोलाकार हो जाता है और कोशिकापटल के चारों ओर एक कठोर संरक्षक आवरण तैयार करता है। इस आवरणयुक्त कठोर संरक्षक आवरण को 'पुटी (Cyst)' कहते हैं।
सबसे पहले पुटी के भीतर केवल केंद्रक का कई बार समसूत्री विभाजन होता है। इस विभाजन से अनेक केंद्रकों का निर्माण होता है। इसके पश्चात कोशिका द्रव्य का भी विभाजन होता है। और इससे अनेक छोटे-छोटे अमिबा निर्मित होते हैं। जब तक प्रतिकुल परिस्थिति होती है तब तक वह पुटी में ही रहते हैं। जिस समय परिस्थिति अनुकुल हो जाती है। उस समय उस में से कई शिशु अमीबा मुक्त हो जाते हैं। - मुकुलन: किण्व मुकुलन पद्धति से अलैंगिक प्रजनन करते हैं। सर्वप्रथम जनक कोशिका में समसूत्री विभाजन होने पर दो नवजात केंद्रोंकों का निर्माण होता है। जनक कोशिका में एक छोटा सा उभार उत्पन्न होता है। यह उभार 'मुकुल' होता है। दोनों नवजात केंद्रकों में से एक केंद्रक मुकुल में प्रवेश करता है। मुकुल की पर्याप्त वृद्धि होने के बाद वह जनक कोशिका से अलग हो जाता है। और स्वतंत्र नवजात किण्व कोशिका के रूप में बढ़ने लगता है।
shaalaa.com
प्रजनन (Reproduction) - अलैंगिक प्रजनन (Asexual Reproduction)
Is there an error in this question or solution?
RELATED QUESTIONS
निमलिखित सारणी पूर्ण कीजिए।
अलैंगिक प्रजनन | लैंगिक प्रजनन |
1. कायिक कोशिका की सहायता से होनेवाले प्रजनन को अलैंगिक प्रजनन कहते है। | 1. ____________ |
2. ____________ | 2. लैंगिक प्रजनन के लिए नर जनक और मादा जनक दोनों की आवश्यकता होती है। |
3. यह प्रजनन केवल समसूत्री विभाजनद्वारा होता है। | 3. ____________ |
4. इस प्रजनन द्वारा तैयार होनेवाला नया सजीव जनुकीय दृष्टि से बिल्कुल जनक के समान (क्लोन) होता है। | 4. इस प्रजनन द्वारा तैयार होनेवाला नया सजीव जनुकीय दृष्टि से जनक से अलग होता है। |
5. द्विविभाजन, बहुविभाजन, मुकूलन, खंड़ीभवन, पुनर्जनन, बीजाणुओं का निर्माण आदि पद्धतियों द्वारा विभिन्न सजीवोंं में अलैंगिक प्रजनन होता है। | 5. ____________ |
पुरुष और स्त्री जनन संस्थान में ______ यह ग्रंथी समान होती है।
शरीर के टुकड़े-टुकड़े होकर प्रत्येक टुकड़ा नवजात सजीव के रूप में जीवन जीने लगता है। इस प्रकार के प्रजनन को ______ कहते है।
तिलचट्टा, मेंढक, चिड़िया तथा सितारा मछली-इनमें से किस प्राणी में शरीर के टूटे हुए भाग को पुन: निर्माण करने की क्षमता होती है। स्पष्टीकरण दीजिए।
______ इस प्राणी में पुनर्जनन होता है।