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Question
फेन प्लवन विधि में अवनमक की क्या भूमिका है?
Answer in Brief
Solution
फेन प्लवन विधि में अवनमक का मुख्य कार्य संकरता के द्वारा अयस्क के अवयवों में से किसी एक को फेन बनाने से रोकना है। जैसे, NaCN का प्रयोग अवनमक के रूप में PbS से ZnS अयस्क को पृथक् करने के लिए किया जाता है। यह ZnS के साथ संकर यौगिक बनाता है तथा इसको फेन बनाने से रोकता है।
\[\ce{ZnS + 4NaCN -> \underset{{सोडियम टेट्रासायनोजिंकेट (II)}}{Na2[Zn(CN)4]} + Na2S}\]
इस प्रकार केवल PbS ही फेन बनाने के लिए उपलब्ध होता है तथा इसे ZnS से सरलता से पृथक् किया जा सकता है।
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अयस्कों का सांद्रण
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