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फेन प्लवन विधि में अवनमक की क्या भूमिका है? - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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Question

फेन प्लवन विधि में अवनमक की क्या भूमिका है?

Answer in Brief

Solution

फेन प्लवन विधि में अवनमक का मुख्य कार्य संकरता के द्वारा अयस्क के अवयवों में से किसी एक को फेन बनाने से रोकना है। जैसे, NaCN का प्रयोग अवनमक के रूप में PbS से ZnS अयस्क को पृथक् करने के लिए किया जाता है। यह ZnS के साथ संकर यौगिक बनाता है तथा इसको फेन बनाने से रोकता है।

\[\ce{ZnS + 4NaCN -> \underset{{सोडियम टेट्रासायनोजिंकेट (II)}}{Na2[Zn(CN)4]} + Na2S}\]

इस प्रकार केवल PbS ही फेन बनाने के लिए उपलब्ध होता है तथा इसे ZnS से सरलता से पृथक् किया जा सकता है।

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अयस्कों का सांद्रण
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Chapter 6: तत्वों के निष्कर्षण के सिद्धांत एवं प्रक्रम - अभ्यास [Page 172]

APPEARS IN

NCERT Chemistry [Hindi] Class 12
Chapter 6 तत्वों के निष्कर्षण के सिद्धांत एवं प्रक्रम
अभ्यास | Q 6.2 | Page 172
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