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Question
गद्य खंड के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:
'एक कहानी यह भी' से लिया गया 'निहायत असहाय मजबूरी में लिपटा उनका यह त्याग कभी मेरा आदर्श नहीं बन सका।' -यह कथन किसके लिए कहा गया है और क्यों?
Solution
यह कथन मन्नू भंडारी की आत्मकथा 'एक कहानी यह भी' से लिया गया है और इसे लेखिका ने अपनी माँ के लिए कहा है। लेखिका की माँ अत्यधिक धैर्यशील, सहनशीलएवं निरक्षर महिला थीं, जो लेखिका के पिताजी की हर ज्यादती को निर्विरोध रूप से केवल अपना भाग्य समझकर स्वीकार करना और बच्चों की हर उचित-अनुचित माँग को पूरा करना अपना कर्तव्य समझती थीं ।
मन्नू भंडारी अपनी माँ के त्याग को 'निहायत असहाय मजबूरी' के रूप में देखती हैं। उन्होंने महसूस किया कि उनकी माँ ने अपने जीवन में कई समझौते किए, विशेष रूप से पारिवारिक और सामाजिक जिम्मेदारियों के कारण, जो मजबूरी में किए गए थे। लेखिका स्वयं संघर्षशील एवं दृढ़ निश्चयी थीं इसीलिए निरीह, बेचारी, व्यक्तित्वहीन, अधिकारों के प्रति जागरूक न रहने वालीं माँ का विवशता युक्त त्याग उनका आदर्श न बन सका। उनके अनुसार, ऐसा त्याग प्रेरणादायक या अनुकरणीय नहीं हो सकता, जो असहायता और मजबूरी से उत्पन्न हो। इसलिए, वह अपनी माँ के इस त्याग को अपने जीवन का आदर्श नहीं बना सकीं।