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Question
गद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न के उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:
लेखक ने शिरीष को अवधूत-रूप किन कारणों से माना है?
Short Answer
Solution
काल को पराजित कर जो विजयी रहता है, उसे कालजयी कहा जाता है। शिरीष का वृक्ष भी अवधूत के समान वसंत ऋतु से लेकर भाद्रपद मास तक बिना किसी कठिनाई के निरंतर पुष्पित होता रहता है। जब ग्रीष्म ऋतु में पूरी पृथ्वी अग्निकुंड की तरह जलने लगती है और लू के प्रकोप से हृदय भी सूखने लगता है, तब भी शिरीष का वृक्ष कालजयी अवधूत की भाँति जीवन में विजेता होने का उदाहरण प्रस्तुत करता है।
यह वृक्ष संसार के सभी प्राणियों को धैर्यवान, चिंतारहित और कर्त्तव्यशील बने रहने की प्रेरणा देता है। इसी विशेषता के कारण लेखक इसे सन्यासी के समान मानता है।
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