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Question
गुणसूत्रों के प्रकार स्पष्ट कीजिए।
Answer in Brief
Solution
गुणसूत्रों के प्रकार कोशिका विभाजन के मध्यावस्था में स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं।
- मध्यकेंद्री: इन गुणसूत्रों में गुणसूत्रबिंदु गुणसूत्र के बीचोबीच होता है यह गुणसूत्र अंग्रेजी अक्षर ‘V’ की तरह दिखते हैं। इनके अर्धगुणसूत्रों की लंबाई समान होती है।
- उपमध्यकेंद्री: इन गुणसूत्रोें में गुणसूत्रबिंदु गुणसूत्र के मध्य के आसपास होता है। यह गुणसूत्र अंग्रेजी अक्षर ‘L’ जैसा दिखता है। इनमें एक अर्थगुणसूत्र दूसरे से थोड़ा बड़ा होता है।
- अग्रकेंद्री: इस गुणसूत्र में गुणसूत्रबिंदु लगभग गुणसूत्र के सिरे के पास होता है। यह गुणसूत्र अंग्रेजी अक्षर ‘J’ जैसा दिखता है। इसमें एक अर्धगुणसूत्र बहुत ही बड़ा तो दूसरा बहुत ही छोटा होता है।
- अंत्यकेंद्री: गुणसूत्र में गुणसूत्रबिंदु गुणसूत्र के एक सिरे पर होता है और यह अंग्रेजी अक्षर ‘i’ जैसा दिखता है। इनमें एक ही अर्धगुणसूत्र होता है।
सामान्य रूप से कायिक कोशिकाओं में गुणसूत्रों की जोड़ियाँ होती हैं। समान आकार और रचनावाली गुणसूत्रों की जोड़ी को समजात गुणसूत्र (Homologous Chromsomes) कहते हैं। गुणसूत्रों की रचना और आकार समान न हों तो ऐसे गुणसूत्रों को विषमजात गुणसूत्र (Heterologous Chromosomes) कहते हैं। लैंगिक प्रजनन करने वाले सजीवों में गुणसूत्रों की एक जोड़ी अन्य जोड़ियों की अपेक्षा अलग होती है। इस जोड़ी के गुणसूत्रों को लिंगगुणसूत्र तथा अन्य सभी गुणसूत्रों को अलिंगसूत्र कहते है।
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गुणसूत्रों के प्रकार
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